त्रिलोक नाम का अर्थ, राशि, शुभ रंग जानिए

Meaning of Tirlok: त्रिलोक नाम का अर्थ ढूंढ रहे हैं। तो इस पोस्ट से आपको इस नाम से सम्बंधित जानकारियां जानने में मदद मिलेगी।

जैसे त्रिलोक नाम का मतलब, राशि, नामांक, शुभ रंग, नक्षत्र आदि। तो आईये जानते हैं त्रिलोक नाम के बारे में समस्त जानकारियां

नामत्रिलोक
नाम का अर्थतीनो लोक स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल
लिंगलड़का
धर्मसनातनी हिन्दू
राशितुला राशि
अंकज्योतिष4
शुभ रंगहल्का नीला, सफ़ेद
शुभ रत्नओपल रत्न
ग्रह स्वामीशुक्र
मित्र राशिमिथुन, कुंभ

त्रिलोक नाम का अर्थ क्या होता है ?

अपनी लाडले का नाम त्रिलोक रखना चाह रहे रहे हैं ? तो इस नाम का अर्थ जान लीजिये। Meaning of Tirlok होता है तीनो लोक स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल

त्रिलोक नाम के व्यक्ति का व्यक्तित्व कैसा होता है ?

तुला राशि में उत्पन्न जातक का स्वेत व सुंदर वर्ण, मध्यम अथवा लम्बा कद, सौम्य एवं हंसमुख प्रवृति होगी। जातक/जातिका न्यायप्रिय, हंसमुख, व्यवहारशील एवं नीति के अनुसार कार्य करने में यकीन रखते हैं। ईमानदार, मिलनसार, और नए मित्र बनाने में कुशल होगा।

त्रिलोक नाम की राशि क्या है ?

त्रिलोक नाम की राशि तुला है तुला राशि के जातक पर संगीत का प्रभाव बहुत ही जल्दी होगा। चंद्र-शुक्र शुभ हो तो मानसिक एवं काल्पनिक शक्ति प्रबल होगी।

परन्तु मन की केंद्रीय शक्ति बहुत अधिक देर तक नहीं रहती। जब तक किसी कार्य में लगा रहे, तब तक मजबूत और दिलोजान से करे, परन्तु अपने विचार और योजना में परिवर्तन करने के लिए शीघ्र तैयार हो जायेंगे।

तुला राशि के जातक को देश-विदेश अनेक स्थानों पर घूमने के अवसर प्राप्त होंगे। बुद्धिमान, तर्कशील एवं सतर्क रहने वाला, मध्यस्थता एवं निर्णय करने में कुशल, विपरीत लिंग के प्रति झुकाव अधिक रखेगा।

त्रिलोक नाम के व्यक्ति के गुण क्या है ?

व्यक्ति न्याय को महत्व देने वाला होगा। धार्मिक परम्पराओं और समाज के रीति-रिवाजों का उलंघन नहीं करेगा।

त्रिलोक नाम का शुभ अंक क्या होता है ?

जिसका नाम त्रिलोक है उसका शुभ अंक 6 और गृह शुक्र है। इनको घूमने का बहुत शौक होता है। इनका जीवन बहुत ही समृद्ध होता है। कला के क्षेत्र में इनकी सफलता के बहुत अच्छे आसार होते है। परिवार से इन्हे बहुत ही प्यार और सहयोग मिलता है।

त्रिलोक नाम का नक्षत्र क्या है ?

इस नाम का नक्षत्र विशाखा है। विशाखा नक्षत्र से सम्बंधित और अक्षर इस प्रकार है- ती, तू, ते, तो। इस नक्षत्र का चिन्ह विवाह आदि के समय सजाए गए घर के द्वार को माना जाता है।

त्रिलोक नाम के लिए शुभ रत्न कौन सा है ?

तुला राशि वालों को एक रति या इस से अधिक वजन का ओपल रत्न तीन धातु की अंगूठी में जड़वाकर शुक्र के बीज मन्त्र “ॐ द्राँ द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” का 16 हजार बार जप करके मध्यम उँगली में शुभ मुहूर्त में धारण करना चाहिए।

याद रखें कि रत्न हर किसी को लाभ नहीं पहुंचाते। कई बार इन्हे धारण करने से हानि भी हो सकती है। इसलिए किसी अच्छे रत्नो के जानकार से एक बार अवश्य मंत्रणा करें। उसके मार्गदर्शन के बाद ही रत्न धारण करें।

लेख पढ़ने के लिए धन्यवाद। आपको सम्बंधित जानकारी कैसी लगी कृपया हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखिए और इसे शेयर अवश्य करें।

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