Vrishchik Rashifal 2020

वृश्चिक राशिफल 2020 वार्षिक राशिफल जानिए

Vrishchik Rashifal 2020 वृश्चिक राशि पर 24 जनवरी से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव हट जायेगा।

फलस्वरूप बिगड़े हुए कार्यों में सुधार होना प्रारम्भ होगा।

मानसिक व आर्थिक परेशानियां कम होंगी। वर्ष के आरम्भ से 7 फरवरी तक राशिस्वामी मंगल वृश्चिक राशि में ही संचार करने से भी स्वास्थ्य में सुधार तथा पिछले कुछ समय से बिगड़े हुए काम बनेंगे।

निवार्ह योग्य आय के सहदन बनेंगे। फरवरी 8 से 21 मार्च के मध्य मंगल द्धितीय (धनु) राशि में होगा। आय में विघ्न तथा खर्चों में वृद्धि होगी।

घरेलू परेशानियां बढ़ेंगी। अपने क्रोध पर संयम बरतने की जरुरत है।

तारीख 22 मार्च से 3 मई तक मंगल उच्च राशिस्थ होने से मान-सम्मान में वृद्धि तथा निर्वाह योग्य धन लाभ के स्रोत बनेंगे।

परिश्रम एवं पराक्रम से धन- लाभ एवं उन्नति के अवसर बनेंगे।

तारीख 14 मई से १३ जून तक सूर्य की मित्र दृष्टि रहेगी, जिस से व्यवसाय में संघर्ष के बाद आय के स्रोत बनेंगे। विशिष्ट लोगो के साथ संपर्क बढ़ेंगे।

16 अगस्त से 3 अक्टूबर तक इस राशि पर मंगल की स्वग्रही दृष्टि रहने से इस अवधि में नए उच्चायुक्तों के साथ संबंध बनेंगे।

तनाव व उत्तेजना भी बढ़ सकती है सावधानी बरतें। भूमि-जायदाद सम्बन्धी कार्यों द्धारा लाभ रहेगा।

तारीख 10 सितम्बर से 13 नवंबर तक मंगल वक्री रहने तथा 23 सितम्बर से वर्ष के अंत तक इस राशि पर केतु का संचार होने से मानसिक चिंतायें तथा कार्यों में रुकावटें व विलम्ब उत्पन्न होंगे।

वृश्चिक राशि हेतु उपाय Vrishchik Rashifal 2020

(1) मंगलवार का व्रत और हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को श्री सुन्दर काण्ड का पाठ करना शुभ रहेगा।

(2) 23 सितम्बर के बाद श्री गणेश चतुर्थी का विधिवत व्रत रखना गणेश जी की उपासना करना कल्याणकारी होगा।

(3) अपने जन्मदिन पर सुयोग्य ब्राह्मण द्धारा जन्मदिन की पूजा करवाकर सूर्य को मंत्रपूर्वक अर्घ्य देना और ब्राह्मण को मिष्ठान सहित भोजन करवाना कल्याणकारी होगा।

वृश्चिक राशि – जनवरी 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 जनवरी – राशिस्वामी मंगल वृश्चिक राशि पर ही संचार करने से गत हालात में सुधार एवं बिगड़े हुए काम बनेंगे।

आय के साधनों में वृद्धि और परिवार में मंगल कार्य भी संपन्न होंगे। नौकरी एवं व्यवसाय में उन्नति के योग हैं।

परन्तु शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से अत्यधिक परिश्रम एवं संघर्ष करना पड़ेगा।

सप्ताह के अंत में स्वास्थ्य में परेशानी, भाई-बंधुओं से मतभेद भी रह सकते हैं।

उपाय : मंगलवार का व्रत करके कन्या पूजन करना शुभ होगा।

8 से 15 जनवरी – राशिस्वामी मंगल स्वग्रही होने से यदपि किसी नए कार्य की योजना बन सकती है।

पराक्रम एवं उत्साह में वृद्धि, मान सम्मान में वृद्धि, प्रतिष्ठित लोगों के साथ संपर्क लाभकारी होगा।

परन्तु शनि की साढ़ेसाती के कारण मानसिक तनाव, स्वभाव में तेजी, निकट व्यक्तियों से मतभेद एवं क्रोध की अधिकता रहेगी।

जिसके कारण कुछ बने हुए कार्य बिगड़ सकते हैं। सावधानी बरतें।

उपाय : मकर संक्रांति को कुष्ठ रोगियों में खिचड़ी व तिल से बनी वस्तुओं का दान शुभ होगा।

16 से 23 जनवरी – इस सप्ताह में शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से परिवार में कुछ निजी समस्यायें बनी रहेंगी।

धन खर्च अधिक, स्वास्थ्य में विकार,क्रोध की अधिकता एवं व्यर्थ के झगड़े बढ़ेंगे।

मंगल स्वग्रही होने से कुछ काम बन भी सकते हैं।

अपने परिश्रम एवं पुरुषार्थ से आय के साधन भी बनते रहेंगे। वाहन आदि सावधानी से चलायें।

उपाय : माघ माहात्म्य का पाठ करना शुभ होगा।

24 से 31 जनवरी –इस राशि पर मंगल का संचार एवं तृतीय भाव में सूर्य-शनि योग होने से स्वभाव में तेजी एवं क्रोध की अधिकता रहेगी।

सरकारी क्षेत्रों में बाधाओं का सामना रहेगा। पिता-पुत्र में मतभेद, व्यावसायिक क्षेत्रों में उतार-चढाव और संघर्ष का सामना करना पड़ेगा।

सप्ताह के अंत में व्यवसाय की स्तिथि मध्यम रहेगी। कार्यक्षेत्र में व्यस्तताएं बढ़ेंगी।

खर्च की अधिकता से मन अशांत और असंतुष्ट रहेगा।

उपाय : प्रतिदिन माघ माहात्म्य का पाठ करना शुभ होगा।

वृश्चिक राशि – फरवरी 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 फरवरी – राशिस्वामी मंगल वृश्चिक में संचार करने से से कुछ बिगड़े कार्यों में सुधार होगा।

कार्य क्षेत्र में अनेक उतार-चढ़ाव एवं संघर्ष के बावजूद निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे।

किसी विशेष प्रतिष्ठित व्यक्ति के सहयोग से बिगड़ा कार्य बनने के आसार भी बढ़ेंगे।

परंतु तृतीय भाव में सूर्य- शनि के प्रभाव से पिता-पुत्र में मतभेद एवं संतान संबंधी चिंता रहेगी।

विदेश संबंधी कार्यों पर धन का खर्च अधिक होगा।

उपाय : श्री सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होगा

8 से 14 फरवरी-द्वितीय भाग में भाव में राशि स्वामी मंगल-गुरु-केतु युक्त होने से अपने बुद्धि-चातुर्य एवं विशेष परिश्रम से धन अर्जन करने के अवसर मिलेंगे।

परंतु कई बार उचित अवसरों का लाभ नहीं उठा पाएंगे भाई-बंधु से मतभेद एवं पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद भी होने के योग हैं।

सप्ताह के अंत में क्रोध की अधिकता से परेशानी आर्थिक समस्याएं एवं धन का अपव्यय भी होगा।

उपाय : नित्य प्रति श्री सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होगा

15 से 22 फरवरी-चतुर्थ भाव में सूर्य-बुध एवं द्वितीय में मंगल-गुरु-केतु होने से मिश्रित प्रभाव होगा।

व्यावसायिक क्षेत्रों में दौड़-धूप अधिक आराम कम व संघर्ष भी अधिक रहेगा।

सरकारी क्षेत्रों में विघ्नों का सामना रहेगा परंतु संतान संबंधी चिंता एवं संतान के कार्यों पर खर्च अधिक रहेंगे।
मन अशांत एवं असंतुष्ट रहेगा

उपाय : 21 तारीख को श्री महाशिवरात्रि का व्रत रखना तथा शिव मंत्रावली नामक पुस्तक में दिए गए शिव स्त्रोतों का पाठ करें

23 से 29 फरवरी-द्वितीय भाव में मंगल-गुरु-केतु युक्त एवं मंगल की भाग्य स्थान पर एक दृष्टि होने से बनते कार्यों कार्यों में विघ्न और विलंब के योग हैं।

नौकरी में एवं धन संबंधी किसी विशेष से धोखे की संभावना बनी रहेगी।

सप्ताह के अंत में खर्च की अधिकता से मन परेशान एवं अशांत रहेगा।

स्वास्थ्य परेशानी, सिर-दर्द चोट आदि का भय एवं सरकारी क्षेत्रों में विघ्नों का सामना रहेगा

उपाय : श्री सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होगा

वृश्चिक राशि – मार्च 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 मार्च –राशि स्वामी मंगल-गुरु-केतु युक्त धनु राशि में संचार करने से यद्यपि आय के साधनों में वृद्धि के साथ-साथ खर्च भी अधिक रहेंगे।

विदेशी कार्यों में प्रगति होगी। कुछ विशेष कार्यों में भाई-बंधुओं का सहयोग आवश्यक रहेगा।

परंतु तृतीय भाव में शनि के प्रभाव से व्यर्थ की भागदौड़, मानसिक तनाव, गुप्त चिंता, संतान से मतभेद, भ्रामक धारणाएं, मन उदासी एवं असंतुष्ट रहेगा।

उपाय : प्रतिदिन श्री हनुमत कवच का पाठ करके मीठा प्रसाद बांटना शुभ रहेगा।

8 से 15 मार्च – द्वितीय भाव में मंगल-गुरु-केतु का संचार होने से धन आगमन के साधनों में यद्यपि वृद्धि परंतु धन का खर्च भी अधिक होगा।

उत्साह एवं पराक्रम से किए गए प्रयास गुरु कृपा से ही सार्थक सिद्ध होंगे। भाग्य स्थान पर मंगल की नीच दृष्टि होने से बनते कामों में बिना एवं विलंब के योग हैं।

किसी विशेष से धोखे की संभावना बनी रहेगी सावधानी बरतें।

उपाय : प्रतिदिन श्री हनुमत कवच का पाठ करके मीठा प्रसाद बांटना शुभ रहेगा

16 से 23 मार्च – सप्ताह के आरंभ से पंचम भाव में सूर्य पर शनि की तृतीय दृष्टि होने से विद्या में कामयाबी के लिए विशेष उतार-चढ़ाव रहेंगे।

संघर्ष अधिक, संतान चिंता और व्यवसाय के क्षेत्र में मुश्किल हालात के बावजूद निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे।

क्रोध की अधिकता से कोई बना हुआ कार्य बिगड़ सकता है सावधानी बरतें। .

24 से 31 मार्च – सप्ताह के आरंभ से राशि स्वामी मंगल (उच्च स्थिति में) शनि युक्त तृतीय भाव में होने से यद्यपि विदेश संबंधी कार्यों में प्रगति होगी।

विघ्न बाधाओं के रहते आय के साधन बनते रहेंगे। परंतु सप्ताह के अंत में भाग्यवश ही बनते कामों में विघ्न एवं विलंब होगा।

स्वभाव में तेजी, क्रोध की अधिकता एवं व्यर्थ झगड़े में परेशानी के योग हैं। सावधानी बरतें संतान संबंधी चिंता भी रहेगी।

उपाय : नित्य प्रति श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ होगा

वृश्चिक राशि – अप्रैल 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 अप्रैल – इस सप्ताह में धन लाभ कम तथा घरेलू उलझनों के कारण मानसिक तनाव रहेगा।

परंतु मंगल उच्चस्थ होने से कुछ प्रतिष्ठित लोगों के सहयोग से व्यवसाय में उन्नति के अवसर मिलेंगे।

पराक्रम में वृद्धि, बनते कामों में सुधार एवं लाभ और कार्यक्षेत्र में उन्नति के चांस बनेंगे।

सप्ताह के अंत में विदेशी कार्यों में विघ्न के बावजूद प्रगति होगी। परंतु भाग्य स्थान पर मंगल की नीच दृष्टि होने से पारिवारिक मतभेद भी रहेंगे।

8 से 15 अप्रैल – कुछ सोची योजनाओं में सफलता मिलेगी। किसी कार्य को क्रियान्वित करने के प्रयास किए गए कार्य में भाग्य वश कामयाबी मिलेगी।

परंतु भाग्य स्थान पर मंगल की नीच दृष्टि होने से धन का खर्च अधिक, परिवार में भाई-बंधुओं से मतभेद एवं दूरस्थ यात्राएं भी होगी।

धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी सप्ताह के अंत में पारिवारिक परेशानियों का सामना रहेगा।

उपाय – संक्रांति से वैशाख मास माहात्म्य पाठ करके भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।

16 से 23 अप्रैल – इस सप्ताह में पारिवारिक एवं आर्थिक समस्याएं उभरती रहेगी।

परंतु कुछ बिगड़े कार्य में सुधार एवं परिवार में शुभ मंगल कार्य भी संपन्न होंगे।

मंगल की भाग्य स्थान पर नीच दृष्टि रहने से व्यवसायिक क्षेत्रों में भाग्यवश ही विघ्न एवं विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

सप्ताह के अंत में जहां धन लाभ होगा वही खर्चों की अधिकता भी होगी मान सम्मान में वृद्धि एवं परमार्थ से ही यश प्राप्त होगा।

उपाय – प्रतिदिन श्री सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होगा

24 से 30 अप्रैल – राशि स्वामी मंगल उच्चस्तिथि में होने से मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

स्थान परिवर्तन और दूरस्थ यात्राएं होंगी भूमि-सवारी आदि का क्रय-विक्रय होगा। परंतु स्वभाव में तेजी बनी रहेगी।

जल्दबाजी और उत्तेजना से हानि होगी सप्ताह के अंत में खर्चों की अधिकता से परेशानी होगी।

विघ्न बाधाओं के बावजूद आय के साधन बनते रहेंगे।

उपाय – प्रतिदिन बैशाख माहत्म्य का पाठ करना शुभ होगा

वृश्चिक राशि – मई 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 मई – सप्ताह के आरंभ में कुछ बिगड़े काम बनेंगे। अत्यधिक संघर्ष के बावजूद निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे।

यदपि पराक्रम में वृद्धि होगी परंतु धन का खर्च अधिक होगा।

तारीख 4 से मंगल चतुर्थ भाव में आने से अचानक खर्चों में वृद्धि और घरेलू परेशानियों का सामना रहेगा।

व्यर्थ यात्राएं एवं दुर्घटना में चोट लगने का भय सावधानी बरतें।

उपाय – प्रतिदिन वैशाख माहात्म्य का पाठ करना शुभ होगा।

8 से 15 मई – इस सप्ताह में धन लाभ साधारण होगा। कार्य क्षेत्र में दौड़ धूप अधिक रहेगी।

नौकरी में सहयोगी से कुछ मन-मुटाव परन्तु कार्यक्षेत्र में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

व्यवसाय में निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे। सप्ताह के अंत में अप्रत्याशित खर्चों के कारण घर में अशांति का माहौल रहेगा। सावधानी बरतें

उपाय – रक्षा के लिए प्रतिदिन श्री दुर्गा कवच का पाठ करना शुभ होगा

वृश्चिक राशि – मई 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

16 से 23 मई – इस राशि पर सूर्य की मित्र दृष्टि रहने से व्यवसाय में संघर्ष के बाद आय के साधन बनेंगे।

विशिष्ट लोगों के साथ संपर्क भी रहेंगे परंतु विरोधियों द्वारा निर्मूल शंकाओं का को बढ़ावा देने से कार्य क्षेत्र में परेशानी रहेगी।

दांपत्य जीवन में मतभेद होंगे परिवार में संयम पूर्वक व्यवहार न करने से परेशानी और उलझनें होंगी।

सवारी एवं विलास आदि कार्यों पर खर्च अधिक होंगे।

उपाय – श्री दुर्गा कवच का पाठ करना शुभ होगा

24 से 31 मई – इस सप्ताह में निर्वाह योग्य धन लाभ संघर्ष के पश्चात ही प्राप्त होगा।

परिवार में मांगलिक कार्यों पर धन का खर्च अधिक होगा। कुछ बिगड़े कार्य में सफलता मिलेगी।

सप्ताह के अंत में मानसिक तनाव, क्रोध की अधिकता एवं गुप्त परेशानियों का सामना रहेगा।

धन का अपव्यय अधिक रहेगा किसी गुप्त चिंता के कारण भी परेशानी पैदा हो सकती है।

उपाय – प्रतिदिन श्री दुर्गा कवच का पाठ करके कन्या पूजन करना शुभ होगा

वृश्चिक राशि – जून 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 जून – इस राशि पर सूर्य की मित्र दृष्टि होने से व्यवसाय में संघर्ष के पश्चात आय के साधन बढ़ेंगे।

परंतु विरोधियों के द्वारा अड़चनों के कारण विशेष लाभ प्राप्त नहीं कर सकेंगे।

सप्ताह के अंत में मन में उचाटता, उदासीनता, क्रोध की अधिकता से परेशानी एवं जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों में हानि होगी।

व्यर्थ की भागदौड़ एवं खर्च भी अधिक होगा।

उपाय – प्रतिदिन भगवान सूर्य को विधिपूर्वक आर्य प्रदान करना चाहिए

8 से 15 जून – इस राशि पर सूर्य की दृष्टि रहने से आय कम व खर्च अधिक होगा।

व्यवसाय में तथा उलझनों के कारण मन चिंतित रहेगा शरीर कष्ट, सिरदर्द, ज्वर आदि के कारण परेशानी के योग हैं।

व्यर्थ की भागदौड़ भी अधिक रहेगी सप्ताह के अंत में हालात में कुछ सुधार एवं कुछ बिगड़े काम बनेंगे।

मित्रों एवं स्वजनों के सहयोग से किसी विशिष्ट योजना को क्रियान्वित कर सकते हैं

उपाय – स्वास्थ्य रक्षा के लिए श्री दुर्गा कवच का पाठ करना चाहिए

16 से 23 जून – सप्ताह के आरंभ में शुभ मंगल कार्यों पर खर्च अधिक होगा।

धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी विदेश संबंधी कार्यों में प्रगति होगी। परंतु तारीख 18 से मंगल अस्त होने से स्वास्थ्य संबंधी तथा खर्च अधिक रहेंगे।

सप्ताह के अंत में परिवार में मतभेद एवं भूमि सवारी आदि का क्रय विक्रय करने की योजना भी बनेगी। क्रोध की अधिकता से परेशानी होगी।

उपाय – आर्थिक क्षेत्र में उन्नति के लिए श्री सूक्तम का पाठ करना शुभ रहेगा

24 से 30 जून – राशि स्वामी मंगल पंचम भाव में होने से व्यवसाय में व्यस्तता बढ़ेगी।

प्रयास करने पर धन प्राप्ति के साधन बनेंगे नए नए मित्रों से संपर्क बढ़ेगा अकस्मात किसी कार्य के बनने के आसार भी बढ़ेंगे।

परंतु मंगल की द्वादश भाव पर दृष्टि होने से दूरस्थ यात्राएं। आराम कम और दौड़-धूप अधिक रहेगी।

सप्ताह के अंत में व्यवसाय के क्षेत्र में अनिश्चितता के हालात बनेंगे धन का खर्च भी सुख साधनों पर होगा

उपाय – श्री दुर्गा कवच का पाठ करके कन्या पूजन करना शुभ होगा

वृश्चिक राशि – जुलाई 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 जुलाई – राशि स्वामी मंगल पंचमस्थ होने से अकस्मात धन लाभ होगा।

परंतु मनोरंजन एवं विलासादि कार्यों पर धन का खर्च भी अधिक होगा। देश विदेश में संपर्क सूत्र बढ़ेंगे।

उत्तरार्द्ध भाग में बनते कामों में अड़चनें उत्पन्न होने के योग हैं। स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहेगा।

गुस्सा ज्यादा एवं भाई बंधुओं के सहयोग में कुछ कमी रहेगी मानसिक तनाव एवं व्यर्थ भागदौड़ रहेगी

उपाय – प्रतिदिन श्री हनुमत कवच का पाठ करना शुभ होगा

8 से 15 जुलाई – इस सप्ताह में मिश्रित फल प्राप्त होंगे। धन लाभ के अवसर मिलेंगे।

पराक्रम में वृद्धि एवं परिश्रम करने पर आय के साधन बनेंगे। परंतु व्यावसायिक क्षेत्रों में संघर्ष रहेगा।

सप्ताह के अंत में अत्यधिक खर्च एवं संतान संबंधी चिंता बनी रहेगी।

पारिवारिक परेशानी एवं कुछ सोची योजनाओं में सफलता विलंब से ही मिलेगी। स्वास्थ्य परेशानी भी रहेगी।

उपाय – प्रतिदिन श्री हनुमत कवच का पाठ करना शुभ होगा

16 से 23 जुलाई – सप्ताह के आरंभ से ही सूर्य-शनि में समसप्तक योग होने से भाग्यवश ही स्वास्थ्य की दृष्टि से समय परेशानी वाला रहेगा।

स्वभाव में तेजी एवं शीघ्र उत्तेजित होने से कोई बना हुआ कार्य बिगड़ सकता है। घरेलू परिस्थितियों भी चिंताजनक रहेगी।

सप्ताह के अंत में आय के साधन बनते रहेंगे। परंतु संघर्ष अधिक, परिवार में व्यर्थ वाद-विवाद एवं झगड़े से बचें अन्यथा हानि होगी

उपाय – तारीख 16 से श्रावण माहत्म्य का पाठ करना शुभ होगा

24 से 31 जुलाई – सूर्य-शनि में समसप्तक योग होने से व्यवसाय के क्षेत्र में पिता-पुत्र को साझेदारी में विभिन्न परेशानियों का सामना रहेगा।

अपने भी परायों जैसा व्यवहार करेंगे आजीविका के लिए अत्यंत संघर्ष एवं खर्च भी बहुत अधिक रहेंगे।

सिरदर्द, मानसिक तनाव, चमड़ी संबंधी रोग एवं द्वेष की भावना प्रबल होगी।

सप्ताह के अंत में किसी विशेष धोखे की संभावना बनी रहेगी। सावधानी बरतें

उपाय- शिव मंत्रावली नामक पुस्तक में शिव स्त्रोतों का पाठ करना चाहिए

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