पन्ना नाम का मतलब, राशि, शुभ रंग जानिए

Panna Meaning in Hindi ढूंढ रहे हैं ? इस पोस्ट में हमने पन्ना नाम से सम्बंधित सारी जानकारियां आपके लिए जुटाई हैं। जैसे कि पन्ना नाम का मतलब, राशि, शुभ अंक, नक्षत्र आदि। तो आइये जानते हैं इस नाम से सम्बंधित सभी जानकारियां।

पन्ना नाम का मतलब/Panna Meaning in Hindi

नामपन्ना/Panna
नाम का अर्थपन्ना, एक नग
लिंगलड़की
धर्मसनातनी हिन्दू
राशिकन्या राशि/Virgo
अंकज्योतिष7
शुभ रत्नपन्ना रत्न/Emerald
शुभ रंगनीला, हरा, स्वेत एवं संतरी
ग्रह स्वामीबुध/Mercury
मित्र राशिवृष, कुम्भ, मकर 

पन्ना नाम का अर्थ क्या होता है?

अपनी नवजात बच्ची के लिए आपने पन्ना नाम का चयन किया है तो सबसे पहले इस नाम का अर्थ जान लेना अति आवश्यक है। पन्ना नाम का मतलब Panna Meaning in Hindi होता है पन्ना, एक नग

पन्ना नाम की लड़कियों का व्यक्तित्व कैसा होता है?

मध्यम कद, कोमल शरीर, सुंदर व आकर्षक आखें, लम्बी नाक, वाणी तेज होगी। जातिका प्रियभाषी, हर कार्य में सहायक, लज्जाशील प्रकृति, नरम स्वभाव व नीति के अनुकूल काम करने वाली होगी।

पन्ना नाम की राशि क्या है?

इस नाम की राशि कन्या है। जातिका प्रियभाषी, हर कार्य में सहायक, लज्जाशील प्रकृति, नरम स्वभाव व नीति के अनुकूल काम करने वाली होगी। कल्पनाशील, सूक्ष्मदर्शी एवं संवेदनशील स्वभाव होगा। शांतचित एवं शांत प्रवृति होगी।

इस राशि के जातिका में आश्चर्यजनक स्मरणशक्ति और प्रखर बुद्धि होती है। एक बार जिस लक्ष्य का निर्धारण कर लेते हैं उसे हर हाल में पूरा करके ही इन्हे संतुष्टि प्राप्त होती है। बुध-शुक्र का शुभ योग होने से लेखा- गणित, संगीत,कला, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय, चित्रकारी, अभिनयकला में विशेष रूचि रहती है।

पन्ना नाम का शुभ अंक क्या होता है?

इस नाम की जतिका के लिए 5 अंक बहुत ही शुभ है पन्ना नाम की लड़कियों की मानसिक शक्ति अद्भुत होती है इन्हे जहाँ ज्ञान मिल रहा हो बटोर लेती हैं। शुभ अंक 5 वाले लोग स्वयं अपना लक्ष्य तय करते है और अपनी मन के मुताबिक हर कार्य करना पसंद करते हैं।

पन्ना नाम का नक्षत्र क्या है?

इस नाम का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी है। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र से सम्बंधित और अक्षर इस प्रकार है- टे,टो,प,पा,पी। इस नक्षत्र का चिन्ह चारपाई के पिछले दो पायों को माना जाता है।

पन्ना नाम के लिए शुभ रत्न कौन सा है?

इस नाम के लिए पन्ना रत्न बहुत ही शुभ है – हरे वर्ण वाला दूध रत्न है इसको शुक्ल पक्ष के बुधवार के दिन आश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती नक्षत्र में पहने। 6 रत्ती वजन हो तो अत्यंत प्रभावकारी होता है सोने की अंगूठी में दाएं हाथ की कनिष्ठिका उंगली में धारण करना चाहिए

याद रखें कि रत्न हर किसी को लाभ नहीं पहुंचाते। कई बार इन्हे धारण करने से हानि भी हो सकती है। इसलिए किसी अच्छे रत्नो के जानकार से एक बार अवश्य मंत्रणा करें। उसके मार्गदर्शन के बाद ही रत्न धारण करें।

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