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Yoga For Cirvicle Pain in Hindi | योग से दूर कर सकते है सर्वाइकल पेन

Yoga For Cirvicle Pain in Hindi

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Yoga For Cirvicle Pain in Hindi सर्वाइकल पेन होने के कई कारण हो सकते है जैसे उम्र का बढ़ना, गर्दन को ज्यादा देर तक गलत पोजीशन में रखना। शरीर का पूरी तरह से सक्रिय न होना। गर्दन में चोट लगना जैसे कारण हो सकते है इसके कारण कई बार तो दर्द इतना असहनीय हो जाता है कि कुछ भी काम करना मुश्किल हो जाता है

मुख्य लक्षण
• गर्दन का दर्द
• हाथ और पैरों में कमज़ोरी महसूस होना
• गर्दन को घुमाने में परेशानी
• चलने में परेशानी होना
• गर्दन का ऐंठ जाना

इन बातों का ध्यान रखें
• एक्सरसाइज नियमित रूप से करें
• मोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करें
• कैल्सियम और विटामिन डी का पर्याप्त सेवन करें
• सोते समय तकिये का इस्तेमाल करें
• पानी खूब पियें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो
• कान और कंधे की बीच मोबाइल रख कर बात मत करें

भुजंगासन

पेट के बल लेट जाएं, पैरों के पंजों और सिर को बिलकुल सीधा रखें। 

पैर एकदम सीधे होने चाहिए, पंजों और एड़ियों को भी साथ रखें।

हाथ कंधों के बराबर रखें तथा दोनों कोहनियों को शरीर के पास और समानान्तर रखें।

लंबी सांस लेते हुए धीरे से सिर, छाती और फिर पेट को उठाएं।

नाभि को ज़मीन पर ही रखें।

अब शरीर को दोनों हाथों का सहारा लेकर कमर के पीछे की ओर खींचें।

दोनों हाथों पर समान वजन बनाए रखें।

सांस लेते हुए दोनों हाथों को सीधा करें, गर्दन उठाते हुए ऊपर की ओर देखें।

अपनी क्षमतानुसार ही शरीर को तानें, उतना ही मोड़ें जिससे कोई नुकशान न हो।

सांस छोड़ते हुए पहले पेट, फिर छाती और फिर सिर को ज़मीन पर पहले वाली मुद्रा में ले आएं।

मकरासन

पेट के बल लेट जाएं

सिर और कंधों को ऊपर की ओर उठाएं।

कोहनियों को जमीन में टिकाकर हथेलियों पर ठोडी पर लें।

रीढ़ की हड्डी में अधिक मोड़ लाने के लिए कोहनियों को एकसाथ रखें।

अगर गर्दन पर ज्यादा दबाव महसूस हो तो कोहनियों को थोड़ा अलग कर लें।

पूरे शरीर को ढीला रखें और आँखों को बंद कर लें।

बालासन

घुंटनो के बल बैठ जाएं।

अपने सिर को जमीन पर लगा दें।

दोनों हाथों को सिर के पास से आगे की तरफ लेकर जाएं।

दोनों हथेलियां जमीन को छूती हुई आगे की तरफ जानी चाहिए।

अब अपने हिप्स को एड़ियों की तरफ सांस छोड़ते हुए लेकर जाएं।

इस आसन से पीठ और गर्दन के दर्द में राहत मिलती है।

मस्तिष्क को शीतलता देते है योगासन

जरुरी है उपचार कराना

स्पाइनल ट्युबरक्लोसिस

समय पर उपचार ना हो तो स्पाइनल कॉर्ड के कम्प्रेशन से शरीर में लकवे की शिकायत हो सकती है।

स्पाइनल अर्थराइटिस

स्पाइनल कॉलम से निकलने वाली तंत्रिकाओं पर दबाव पड़ता है, हाथ और पैरों में दर्द, कमजोरी महसूस होती है।

सर्वाइकल माइलोमैलेसिया

इसके कारण दर्द, सांस लेने में दिक्कत, मांसपेशियों में कमजोरी होना,

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