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Winter Health Tips in Hindi | आराम में दख़ल न दे पाए ठंड

Winter Health Tips in Hindi

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Winter Health Tips in Hindi ठंड में सर्दी-जुकाम होने के साथ ही कई समस्याएं सामने आती है जिन्हें छोटे-मोटे उपाय करके दूर किया जा सकता है|

सर्दियों में अदरक-काली मिर्च की चाय, चढ़ते सूरज की धूप और गर्मा-गर्म भोजन सभी को भाता है।

यहाँ कुछ समस्याएं है जिनका पता उस वक़्त लगता है|जब हम आराम करने की स्थिति में आते हैं।

उस वक़्त तलवों का ठंडा होना, कान में ठंड लगना, अंगुलियां सुन्न पड़ने के कारण न ही आराम कर पाते हैं और न ही नींद आती है।

अधिक ठंड होने पर शरीर में रक्त कई बार रक्तवाहिनियों में जमता-सा महसूस होता है।

इस वजह से हाथ-पैर सुन्न होने के साथ-साथ  ही उनमें सूजन आने की भी समस्या बढ़ जाती है।

ऐसा पानी के सम्पर्क में अधिक रहने से हो सकता है, या आप किसी ऐसी जगह रहते हैं।

जहां धूप कम आती हैं या आसपास अधिक हरियाली है, ऐसे में वहां अधिक ठंडक होने से भी इस तरह की परेशानी हो सकती है।

कई लोगों को बार-बार हाथ-पैर धोने की आदत होती है, ख़ासकर बिस्तर पर जाने के पहले पैरों को धोकर जाना।

ऐसा गर्मियों में तो अच्छा लगता है पर सर्दियों में इस वजह से तलवे ठंडे पड़ जाते हैं और नींद नहीं आती ऐसे में तलवों को हल्के हाथ से रगड़ें।

कई लोगों के पैर हमेशा ही ठंडे बने रहते हैं।

वे क्रीम लगाकर ढीले मोज़े पहनें, तो पैर फटने की समस्या से भी राहत मिलेगी।

अगर मालिश करना सम्भव नहीं हो, तो गीले पैर पोछकर पुराने व ढीले मोज़े पहनें।

इससे पैर गर्म हो जाएंगे और आप को अच्छी नींद आएगी।

हल्के कुनकुने तेल से शरीर की मालिश करें।

सरसों, तिल, अखरोट के तेल से रोज़ दस से पंद्रह मिनट हाथ-पैरों और तलवों की अच्छी तरह से मालिश करें।

इससे शरीर में रक्त संचार तेज़ होने पर हाथ-पैरों के सुन्न होने की समस्या के साथ ही जकड़न की परेशानी भी दूर होती है।

मालिश करने के तुरंत बाद न नहाएं बल्कि एक घंटे के अंतराल में नहाएं।

मालिश करने के बाद शरीर में रक्त संचार तेजी से होने लगता है| शरीर का तापमान सामान्य से अधिक रहता है।

शरीर के गर्म होने पर अगर नहाएंगे तो बीमार पड़ने की आशंका रहती है।

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कान का दर्द होगा दूर

कई लोगों में ठंड बढ़ने पर कान में दर्द की समस्या शुरू हो जाती हैं।

वे खुली हवा या ठंडे स्थान पर जाने से पहले कान और हाथ-पैरों को अच्छी तरह से ढक लें। 

दिन में दो से तीन बार पानी गर्म करके भाप लें। गर्म पानी के बर्तन पर थोड़ा झुककर, नाक से सांस लेकर मुंह से छोड़े।

दर्द में जल्द ही राहत मिलेगी। पानी में कोई दवाई न डालें।

विटामिनडी की कमी

जो लोग दिनभर ऑफिस में रहते हैं या धूप के संपर्क में ज़रा भी नहीं आते उनमें अधिकतर विटामिन-डी की कमी देखी जाती है।

कम से कम 30 मिनट धूप में ज़रूर बैठें। दोपहर में 12 से 3 बजे का समय धूप लेने के लिए बेहतर होता है।

इससे शरीर के हिस्सों में आने वाली सूजन से भी राहत मिलने के साथ ही हाथ-पैर सुन्न होने की समस्या भी कम होती है।

विटामिन-डी की अधिक कमी होने पर विटामिन-डी के सप्लीमेंट लेकर इसे दूर किया जा सकता है।

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ठंडे पदार्थों के सेवन से बचें

सर्दियों में कोल्डड्रिंक, आइसक्रीम और ठंडे पानी के सेवन से बचना चाहिए। 

पीने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है।

इन दिनों अदरक की चाय के अलावा खाने में भी अदरक का इस्तेमाल करें।

सब्जी में अदरक को बारीक काटकर डालें व पानी में अदरक को उबालकर छानकर पीएं। हर 3 से 4 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें।

व्यायाम के पहले वार्मअप

कई बार बिना किसी वार्मअप के सीधे व्यायाम करने से शरीर में तकलीफ बढ़ जाती है।

ख़ासकर सर्दियों में इस कारण शरीर में सूजन या दर्द होने की शिकायतें सामने आती हैं।

इसलिए जब भी व्यायाम करें उसके पहले वार्मअप करना न भूलें।

ठंड में अधिक कसे हुए कपड़े न पहने इससे रक्त संचार में बाधा उत्पन्न होती है।

बाहर से आने पर टाइट स्वेटर व मोज़े बदलकर, घर के ढीले और आरामदायक कपड़े पहन लें।

ह्रदय रोगी बरतें सावधानी

ह्रदय रोगियों को सर्दियों में ख़ास सावधानी बरतने की ज़रूरत है।

ठंड में रक्तवाहिनियों में दबाव पड़ने से दिल को ख़तरा अधिक रहता है।

इसलिए भोजन करने के बाद व्यायाम न करें। साथ ही अधिक श्रम वाले कार्य न करें।

सांस के रोगियों को भी इन दिनों पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।

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