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Tips for Exam Success in Hindi | परीक्षा की तैयारी आसान बनाये

Tips for Exam Success in Hindi

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परीक्षाएं नजदीक है, ऐसे में डर लगना, घबराहट होना, नींद न आना सामान्य है| डर को दूर भगाकर आराम से (Tips for Exam Success in Hindi) परीक्षा के करें तैयारी.

चिंता और तनाव में फ़र्क

तनाव और चिंता में काफी अंतर होता है।

तनाव एक सामान्य मानसिक प्रतिक्रिया है। ये किसी को किसी भी तरह से हो सकता है।

जैसे किसी अप्रिय बात को सुनकर या अनचाही जानकारी मिलने से हो सकता है।

कई बार तनाव आपको अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित भी करता है।

यह तब तक हानिकारक नहीं होता जब तक कि ये सामान्य रहे।

लेकिन कई बार ज्यादा तनाव मुश्किलें भी पैदा कर सकता है।

परीक्षा के पहले अधिकतर विद्यार्थी ज़रूरत से ज़्यादा तनाव ले लेते हैं जिसके कारण उन्हें पढ़ते वक़्त मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

वहीं अगर चिंता की बात करें तो इसमें असफलता का डर, टेस्ट की तैयारी को लेकर शंका होना, फेल होने का डर, यह किसी भी छोटी बात को लेकर हो सकती है।

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लक्षण पहचानना हैं ज़रूरी

परीक्षा के तनाव और चिंता के लक्षण पहचानना ज़रूरी भी होता है ताकि कहीं इनकी अति हो जाने से सेहत पर असर न पड़ने लगे।

परीक्षा के पहले तैयारी पूरी होने पर भी कुछ याद न रहना

नींद पूरी न होना

हमेशा थकान महसूस होना

घबराहट महसूस होना

सिर में दर्द रहना तनाव के लक्षण हैं।

वहीं चिंता होने पर मन में हर वक़्त अजीब-सा डर बना रहता है

अचानक फिक्र में पसीना आने लगता है

नींद ठीक से नहीं आती

साथ ही चक्कर आना और मुंह सूखना आदि भी चिंता की अधिकता के कारण हो सकता है।

सोने का समय तय हो

परीक्षा के दौरान घबराहट रहने पर कई बार नींद नहीं आती। ऐसे में सोने का समय तय करें।

अगर सात घंटे सोते हैं तो साढ़े सात घंटे के बाद का अलार्म लगाएं।

आधे घंटे के वक़्त में कमरे की लाइट बंद करना, ब्रश करना

नींद आने में कुछ वक़्त लगना भी शामिल करें ताकि आप सात घंटे की पूरी नींद ले सकें।

भोजन में न करें लापरवाही

दिनभर पढ़ाई करने के कारण भोजन को लेकर अधिकतर बच्चे लापरवाही बरतते हैं।

ऐसा करना आपकी सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।

अगर आप देर रात भोजन नहीं करना चाहते हैं तो शाम को सात बजे के आसपास अच्छी मात्रा में भोजन करें।

इसके बाद भी अगर रात में पढ़ते समय भूख लगती है, तो हल्का-फुल्का कुछ खा सकते हैं जैसे दूध, केला, अखरोट।

ये भूख मिटाने के साथ अच्छी नींद लाने में भी मददगार साबित होंगे।

मोबाइल फोन से बनाएं दूरी

पढ़ाई के बाद जब सोने जाते हैं तो लगता है कि ज़रा फोन चैक कर लिया जाए, कहीं कोई मैसेज तो नहीं आया।

बस यहीं से शुरू होती है फोन पर वक़्त की बर्बादी जो मिनटों से घंटों में कब बदल जाती है अंदाज़ा भी नहीं लगता।

इसलिए फोन को दूर रखें।

मोबाइल फोन की नीली लाइट से ब्रेन एक्टिव हो जाता है और स्लीप हॉर्मोन को देरी से रिलीज़ करता है, इस कारण नींद नहीं आती या देरी से आती है।

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