Best Health Tips in Hindi

जब खाने के बाद हो पेट दर्द | Best Health Tips in Hindi

Best Health Tips in Hindi सामान्य डाइट लेने के बावजूद खाने के तुरंत बाद कब्ज़, डायरिया, पेट में दर्द, मितली, कमज़ोरी, सिरदर्द, हड्डियों व जोड़ों में दर्द और सीने में जलन होना, सारी जांच रिपोर्ट्स सामान्य आ रही होने के बावजूद वज़न का कम होना, और ऐसा सिर्फ नियमित भोजन और स्नैक्स के चलते हो रहा हो, इस तरह का अनुभव कई लोग करते हैं।

जब तक उन्हें यह पता नहीं चलता है कि उन्हें सिलिएक डिज़ीज़ है तब तक वे सोचते हैं कि जो सामान्य भोजन वो ले रहे हैं वह उन्हें बीमार बना रहा है।

इसके अलावा वे लोग भी इस समस्या से पीड़ित हो सकते हैं।

जिन्हे नॉन सिलिएक ग्लूटेन सेंसिटिविटी (एनसीजीएस) होती है यानी गेहूं से एलर्जी होती है।

हमारे देश में इन बीमारियों के बारे में जागरूकता बेहद कम है।

साथ ही अधिकतर खाद्य सामग्रियों में गेहूं का इस्तेमाल होता है।

ग्लूटेन से एलर्जी होना

खानपान विशेषज्ञों के अनुसार देश में प्रत्येक 100 में से एक व्यक्ति को सिलिएक डिज़ीज़ है।

यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो ग्लूटेन शरीर में जाने पर रिएक्ट करती है।

इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का इम्यून सिस्टम, ग्लूटेन वाला खाना खाने पर छोटी आंत पर आक्रमण करता है।

वे लोग जो नॉन सिलिएक ग्लूटेन सेंसिटिविटी से प्रभावित होते हैं, उन्हें ग्लूटेन से एलर्जी क्यूं होती है।

इसका पता अब तक नहीं लगाया जा सका है।

गेहूं की एलर्जी से पीड़ित लोगों का इम्यून सिस्टम भी गेहूं में मिलने वाले तमाम तरह के प्रोटीन पर वैसे ही रिएक्ट करता है जैसे कि सिलिएक डिज़ीज़ में।

तो इस तरह की सारी बीमारियों में ग्लूटेन ज़िम्मेदार होता है।

जो कि एक तरह का प्रोटीन है जो गेहूं, बार्ली, राई में मिलता है।

और उन सभी खाद्य सामग्रियों के ज़रिए शरीर में जा सकता है।

जिनमें ये अनाज इस्तेमाल होते हैं जैसे सूजी, पास्ता, नूडल्स, ब्रेड आदि।

इस प्रकार की तमाम चीजों में ग्लूटेन होता है।

और कई तरह के डिज़र्ट्स में प्रयोग होने वाले सीरियल्स जैसे कॉर्नफ्लेक्स, कई तरह के सॉस और ग्रेवी, पैकेज्ड फूड जैसे कि चिप्स, सूप, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, डिस्टिल्ड पेय और विनेगर, लिपिस्टिक, वेफर्स, हर्बल, ओवर द काउंटर दवाओं आदि से भी समस्या हो सकती है।

Health tips in hindi

ग्लूटेन एलर्जिक को ये खाना चाहिए

ग्लूटेन से एलर्जी है तो अरारोट, कुट्टू, मक्के का आटा, कॉर्नफ्लेक्स, बेसन, ड्राय फ्रूट्स, आलू, चावल, सोयाबीन, ज्वार, फल-सब्जियां, दालें खा सकते हैं।

फल-सब्जियों से नज़दीकी

सकारात्मक पहलू की ओर देखेंगे तो जानेंगे कि आप अब हेल्दी चीजें खा रहे हैं।

ग्लूटेन से दूर रहने का मतलब है कि आप अपनी नियमित दिनचर्या वाली बहुत सारी चीज़ों से दूर हो जाते हैं।

लेकिन अच्छी बात यह है कि इस बहाने आप ज्यादा फल व सब्जियां खा सकेंगे।

हाई कैलोरिफिक गेहूं से बने उत्पादों के बजाय।

अनाज-दाल में इन सभी चीजोँ को मिक्स एंड मैच करें जिन्हें खा सकते हैं।

अंडे, चिकन, लीन मीट, मछली आदि खा सकते हैं।

डेयरी उत्पाद पोषण के अच्छे स्रोत होते हैं और इन्हें बिना कुछ सोचे आप अपनी नियमित डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

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