Health Topics In Hindi

Tips to Stay Healthy in Hindi | स्वस्थ रहने कीअच्छी आदतें

Tips to Stay Healthy in Hindi

354 total views, 1 views today

 Tips to Stay Healthy in Hindi महिला चाहे कॉलेज गोइंग हो, वर्किंग वुमन, या होम मेकर सभी को जीवनशैली में अपनानी चाहिए ये आदतें.

महिलाओं की शारीरिक बनावट जटिल होती है। मासिक चक्र प्रारंभ होने से मेनोपॉज तक उनका शरीर बहुत से बदलावों से गुजरता है। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत का ख्याल छोटी उम्र से ही रखना शुरू कर देना चाहिए क्योंकि अच्छी आदतें जितनी जल्दी डाली जाएं उतना ही बेहतर रहता है।

महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि वे कभी स्वयं को प्राथमिकता नहीं देती  है।

वे या तो परिवार और बच्चों को प्राथमिकता देती हैं या अपने कॅरिअर को।

सबसे पहले उन्हें अपनी प्राथमिकताएं स्वयं तय करनी होंगी जिसमें सबसे ऊपर स्वयं को रखना होगा।

तभी वह अपने परिवार की देखभाल भी कर पाएंगी और करियर में नई ऊंचाईयां भी छू पाएंगी।

संतुलित,पोषक भोजन नियम से लें

संतुलित और पोषक भोजन का सेवन, जिसमें हरी सब्जिंयों, साबुत अनाज, दालें, दूध व दुग्ध उत्पाद, अंडे और फल शामिल हों।

रोज समय पर भोजन करें।

क्रैश डाइटिंग कभी ना करें क्योंकि इससे शरीर में उर्जा का स्तर गिर जाता है और आप ऊर्जा पाने के लिये बिना सोचे-समझे एम्पटी कैलोरी वाली चीजें खाने लगती हैं।

पोषक भोजन न केवल हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को शक्तिशाली बनाकर रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है बल्कि हमें कई रोगों की चपेट में आने से भी बचाता है।

फास्ट फूड का सेवन न करें, इनमें खाद्य रंग, कृत्रिम स्वीटनर्स और दूसरी कई ऐसी चीजें होती हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।

इनमें कैलोरी की मात्रा तो बहुत होती है, लेकिन पोषण बिल्कुल नहीं होता।

गैजेट्स से बनाइए दूरी

जरुरी न हो तो जितना हो सके गैजट्स से दूरी बनाएं रखें। खासकर रात को सोने से पहले।

रात में पूरी नींद लें, ताकि आपका शरीर रिचार्ज हो सके और अपने दिन का बेहतर इस्तेमाल कर सकें।

पूरी नींद न लेने से मेटाबॉलिज़्म कमजोर हो जाता है और पाचन संबंधी गड़बड़ियां होने लगती हैं जिनसे मोटापा बढ़ सकता है।

नींद पूरी न होने से मस्तिष्क अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाता जिससे उत्पादकता प्रभावित होती है।

सोने से एक घंटा पहले गैजेट्स का प्रयोग बंद कर दें।

तनाव से दूर रहने की कोशिश करें

तनाव के कारण शरीर में कई हार्मोंस का स्तर बढ़ जाता है। जिनमें एड्रीनलीन और कॉर्टिसोल प्रमुख हैं।

इनकी वजह से दिल का तेजी से धड़कना, पाचन क्रिया का मंद पड़ जाना, रक्त का प्रवाह प्रभावित होना, नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली गड़बड़ा जाना और इम्यून सिस्टम का कमजोर होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

व्यर्थ में तनाव न पालें समस्या के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। अपने परिवार के सदस्यों और मित्रों से इस बारे में चर्चा करें।

पैदल चलें तो हाईपरटेंशन का ख़तरा होगा कम

शारीरिक रूप से सक्रिय रहना स्वस्थ रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आरामतलबी का जीवन जीने से बचिए।

लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।

जहां संभव हो पैदल जाएं।

अगर कामकाजी हैं तो ऑफिस में लगातार बैठी न रहें, हर एक घंटे में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी चहलकदमी करें।

व्यायाम से मेटाबॉलिज़म रहेगा दुरूस्त

रोज कम से कम आधा घंटा योग या कोई व्यायाम जरूर करें।

चलना, दौड़ना, तैरना या जॉगिंग का विकल्प भी चुन सकती हैं।

वर्क आउट करने से तनाव कम होता है। रक्त का संचरण तेज होता है, शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है।

मेटाबॉलिक रेट बढ़ने से पाचन तंत्र दुरूस्त रहता है।

रोजाना 15 मिनट ध्यान लगायें

ध्यान से तुरंत और लंबे समय में मिलने वाले लाभ दोनों होते हैं।

ध्यान करने से शरीर और मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

नियमित ध्यान करने से एंग्जाइटी की समस्या बहुत कम हो जाती है और मस्तिष्क शांत हो जाता है।

ध्यान करने से मस्तिष्क का वह क्षेत्र भी विकसित होता है जो स्मरण शक्ति और तनाव नियंत्रण से संबंधित है।

होने वाले बदलावों की अनदेखी न करें

बढ़ती उम्र का प्रभाव न केवल बाहरी तौर पर बल्कि आंतरिक रूप से भी दिखाई देने लगता है।

उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं जिससे उनकी कैलोरी जलाने की क्षमता प्रभावित होती है।

यह समस्या उन लोगों में और बढ़ जाती है जो शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होते हैं।

अगर उम्र बढ़ने के साथ कैलोरी का सेवन कम नहीं करेंगे तो मोटापा बढ़ेगा, जिससे कई बीमारियों की आसान शिकार बन जाएंगी।

हल्का और सुपाच्य भोजन करें व शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। समय-समय पर अपना हेल्थ चेकअप जरूर कराएं।

वजन नियंत्रित रखेंगी तो दर्द से बच सकेंगी

मोटापा कई बीमारियों की वजह भी बन जाता है।

सुंदर और स्वस्थ रहने के लिए वजन को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है।

जिन महिलाओं का वजन अधिक होता है उन्हें चलने, सांस लेने और बैठने में परेशानी होती है।

मोटापे से दूर रहकर डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियों और जोड़ों के दर्द जैसी कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

Bladder Infection in Hindi | ब्लैडर इंफेक्शन

अनियमित पीरियड्स में सतर्कता

महिलाओं के जीवन के तीन महत्वपूर्ण चरण होते हैं मासिक चक्र प्रारंभ होना, गर्भावस्था और मेनोपॉज।

आधुनिक जीवनशैली और जीवन में तनाव के बढ़ते स्तर के कारण ये तीनों चरण गड़बड़ा गए हैं।

मासिक चक्र की अनियमितता, नि:संतानता और प्रीमैच्योर मेनोपॉज महिलाओं के स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।

प्रीमैच्योचर मोनोपॉज के कारण न केवल नि:संतानता और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि यह महिलाओं को हार्ट अटैक का भी आसान शिकार बना रहा है।

मासिक चक्र की अनियमितताओं को नज़रअंदाज न करें, तुरंत उपचार कराएं।

अगर ब्रेस्ट कैंसर परिवार में किसी को हुआ तो

अगर परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का पारिवारिक इतिहास है तो युवावस्था से ही नियमित रूप से जांच कराएं।

पोषक और संतुलित भोजन का सेवन करें, पूरी नींद लें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और तनाव न पालें।

गर्भ निरोधक तरीकों का इस्तेमाल करने में सावधानी बरतें अगर कुछ असामान्यता दिखे तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें।

Comment here