Pathri ke Gharelu Upchar

पथरी के लिए घरेलू उपचार हिंदी में Pathri ke Gharelu Upchar

पथरी का दर्द कभी-कभी बर्दाश्त से बाहर हो जाता है। इसमें पेशाब करने में बहुत दिक्कत होती है और कई बार पेशाब रूक जाता है। पथरी होने की कोई उम्र नहीं होती है, यह किसी भी उम्र में हो सकती है। यहाँ पर हम आपको पथरी के कुछ आसान घरेलू नुस्खे के बारे में जानकारी देते हैं।

Pathri ke Gharelu Upchar पथरी की समस्या आजकल आम सी हो गयी है। इसकी बड़ी वजह खान-पान की गलत आदतें होती हैं।

नमक और अन्य खनिज (जो हमारे मूत्र में होते हैं) वे एक दूसरे के संपर्क में आते है या किसी कारण पेशाब गाढा हो जाता है तो किडनी के अन्दर पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं जिन्हे गुर्दे की पथरी के रूप में जाना जाता है।

पथरी के आकार अलग-अलग होते है| कुछ छोटे तो कुछ बड़े। पथरी के आकर को MM में नापा जाता है।

छोटे आकार की पथरी पेशाब के जरिये निकल जाती है। परन्तु जिनका आकार बड़ा होता है वो नहीं निकल पाती यह मूत्र के बाहर निकलने में बहुत ही बाधा डालती हैं जिसके कारण असहनीय दर्द होता है।

कुछ घरेलू उपाय Pathri ke Gharelu Upchar

(1) नारियल पानी

पथरी के रोगियों को रोजाना नारियल पानी पीना चाहिए। नारियल पानी से पथरी में राहत मिलती है।

(2) करेला

करेला पथरी बनने से रोकने में रामवाण की तरह काम करता है। करेले में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस नामक तत्व होते हैं, जो पथरी बनने से रोकते हैं।

(3) अंगूर

अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होता हैं, इसलिए किडनी की पथरी के उपचार के लिए अंगूर को बहुत उत्तम माना गया है।

अंगूर में पोटेशियम नमक और पानी भरपूर मात्रा में होते है इसलिए अंगूर प्राकृतिक मूत्रवृद्धि में भी कारगर है।

(4) जामुन

पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पथरी होने पर पका हुआ जामुन खाना चाहिए।

टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन जैसी बीजयुक्त सब्जियों से भी पथरी होने का खतरा रहता है इसलिए बीज निकाल कर इनका सेवन करना चाहिए।

(5) बथुए का साग

किडनी में स्टोन को निकालने में बथुए का साग भी बहुत ही कारगर होता है।

इसके लिए आप आधा किलो बथुए के साग को उबाल कर छान लें।

अब इस पानी में जरा सी काली मिर्च, जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर।

दिन में चार बार पीने से शीघ्र ही फायदा होता है।

(6) आंवला

आंवला का पथरी में बहुत फायदा Pathri ke Gharelu Upchar करता है।

आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी  निकल जाती है।

(7) प्याज

प्याज में गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसका प्रयोग से हम किडनी में स्टोन से निजात पा सकते है।

लगभग 70 ग्राम प्याज को पीसकर और उसका रस निकाल कर पियें।

सुबह, शाम खाली पेट प्याज के रस का नियमित सेवन करने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।

(8) जीरा और चीनी

जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।

(9) सहजन की सब्जी

सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है।

आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।

(10) केला

पथरी की समस्या से निपटने के लिए केला जरूर खाना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है।

विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता भी है।

विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी में स्टोन के इलाज में काफी मददगार माना जाता है ।

(11) मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया

मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर डेढ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए।

अगली शाम को इनको पानी से छानकर पीस लीजिए और फिर पानी में मिलाकर इसका घोल बना लीजिए।

इस घोल को पीजिए। ऐसा नियमित रूप से करें शीघ्र ही पथरी निकल जाएगी।

(12) कोल्ड्रिंक या शरबत 

चाय, कॉफी व अन्य पेय पदार्थ जिसमें कैफीन पाया जाता है, उन पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल मत कीजिए।

हो सके शरबत या नींबू पानी ज्यादा मात्रा में पीजिए।

(13) तुलसी

शुद्ध तुलसी का रस लेने से भी पथरी को यूरीन के रास्ते निकलने में मदद मिलती है।

कम से कम एक महीना तुलसी के पतों के रस के साथ शहद लेने से बहुत लाभ मिलता है।

तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को भी रोजाना चबाना चाहिए ।

(14) जीरा और मिश्री 

जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।

(15) नींबू का रस और जैतून के तेल

नींबू का रस और जैतून के तेल का मिश्रण, गुर्दे की पथरी के लिए सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपचार Pathri ke Gharelu Upchar में से एक है।

पत्थरी का दर्द होने पर 60 मिली लीटर नींबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतून का तेल मिला कर सेवन करने से जल्दी ही आराम मिलता है।

नींबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा रहता है।

(16) बेल पत्थर और काली मिर्च

बेल पत्थर को पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें।

इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह काली मिर्च खाएं।

दूसरे दिन काली मिर्च  दो कर दें और तीसरे दिन तीन ऐसे सात काली मिर्च तक पहुंचे।

आठवें दिन से काली मिर्च की संख्या घटानी शुरू कर दें और फिर एक तक आ जाएं।

दो सप्ताह के इस प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है। याद रखें एक बेल पत्थर दो से तीन दिन तक चलेगा।

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