Mesh Rashifal 2020

मेष राशिफल 2020

Mesh Rashifal 2020 वर्ष शुरू होने से 29 मार्च तक और 30 जून से 19 नवंबर तक गुरु की शुभ दृष्टि इस राशि पर रहने से मांगलिक कार्यो पर खर्च, धर्म कर्म में रूचि, विद्या तथा आध्यात्म के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

परन्तु वर्षारम्भ से 7 फरवरी तक राशि स्वामी मंगल अष्टमस्थ होने से स्वास्थ्य-कष्ट, घरेलु उलझने और बनते कामों में अड़चनें भी रहेंगी। धन का अपव्यय, लाभ में कमी और गुप्त चिंतायें भी रहेंगी।

8 फरवरी से 21 मार्च तक मंगल भाग्यस्थ संचार करने से खर्च अधिक, घरेलू तनाव रहेगा। 22 मार्च से 3 मई तक मंगल उच्चस्थ होकर मेष राशि Mesh Rashifal 2020 पर स्वग्रही दृष्टि रखेगा।

तदन्तर 13 अप्रैल से 14 मई तक सूर्य भी इस राशि पर उच्चस्थ होकर संचार करेगा।

अकस्मात् धन अवसर के साथ-साथ आकस्मिक खर्च भी अधिक रहेंगे।

व्यवसाय सम्बन्धी कोई नयी योजना भी बन सकती है उच्च प्रतिष्ठित एवं सरकारी लोगों के साथ सम्बन्ध बढ़ेंगे। मान सम्मान में वृद्धि होगी।

4 मई से 18 जून तक मंगल कुम्भ (शत्रु) राशिगत होने से स्वास्थ्य में विकार, शरीर में कष्ट, और आर्थिक परशानियों का सामना करना पड़ेगा।

18 जून से 15 अगस्त तक ,मंगल मीन (द्वादशस्थ) राशिस्थ होने से मानसिक तनाव, अनावश्यक खर्च व घरेलु उलझनें अधिक रहेंगी।

16 अगस्त से 3 अक्टूबर तक मंगल स्वराशिगत (मेष) होने से उद्द्यम और उत्साह में वृद्धि होगी। यदपि खर्चों में भी विशेष वृद्धि होगी।

परन्तु 10 सितम्बर से 13 नवम्बर तक मंगल वक्री रहने से स्वभाव में तेजी और उत्तेजना बढ़ेगी।

यदपि पराकर्म में भी वृद्धि होगी। आय के साधनो में अचानक रुकावटें आएंगी।

तारीख 4 अक्टूबर से 23 दिसम्बर तक मंगल पुनः द्वादस्थ होने से खर्च अधिक रहेंगे

Mesh Rashifal 2020 में मेष राशि हेतु उपाय

(1) मंगलवार और शनिवार को अमोघ “श्रीशिव कवच” का पाठ करके शिवलिंग पर कच्ची लस्सी और वेलपत्र चढ़ाना, तेल का दीपक जलाकर “ॐ नमः शिवाय मन्त्र” की एक माला का जाप करना चाहिए

(2) हर मंगलवार का व्रत पूर्ण विधि विधान से रखें। सुबह एवं शाम श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी के मूर्ति पर तेल, सिन्दूर चढ़ाकर प्रसाद बांटना चाहिए (स्त्रियां ध्यान रखें हनुमान जी की मूर्ति को न छुऐं)

मेष राशि- जनवरी 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 जनवरी- मेष राशि पर भाग्येश गुरु की दृष्टि किन्तु मंगल अष्टम में होने से मिश्रित प्रभाव होगा।

मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि, मंगल कार्यों पर धन अधिक खर्च होगा। आध्यात्म के क्षेत्र में रूचि बढ़ेगी। परन्तु घरेलू उलझनें, बनते कामों में विघ्न एवं गुप्त चिंता रहेगी।

क्रोध की अधिकता से कोई बनता काम बिगड़ भी सकता है। पिता पुत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं।

उपाय : श्री सुन्दर काण्ड का पाठ करना शुभ रहेगा।

8 से 14 जनवरी-गुरु की लग्न भाव पर दृष्टि होने से बिगड़े कार्यों में सुधार एवं धन-लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। परिवार में शुभ मंगल कार्य भी संपन्न होंगे।

तारीख 10 जनवरी से गुरु उदय होने पर भाग्य में वृद्धि एवं संतान से खुशी के समाचार मिलेंगे। परन्तु राशिस्वामी मंगल अष्टम में होने से स्वास्थ्य ढीला, क्रोध अधिक, चोट आदि का भय बना रहेगा।

अनावश्यक खर्च में वृद्धि एवं पिता-पुत्र में मतभेद रहेंगे।

उपाय : 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन धर्म स्थान पर यथा शक्ति अनाज, गुड़, तिल के बने पदार्थ, गरम वस्त्रों का दान करना शुभ रहेगा।

15 से 23 जनवरी- सप्ताह के आरम्भ में किसी नए कार्य की योजना बन सकती है स्त्री एवं परिवार सम्बन्धी सुखों में वृद्धि, धन-लाभ एवं उन्नति के अवसर मिलेंगे।

परन्तु भाग्य स्थान पर शनि-गुरु-केतु होने से घरेलू एवं व्यावसायिक उलझनों का सामना भी करना पड़ेगा। साझेदारी के क्षेत्र में हानि हो सकती है।

किसी विशेष करीबी से धोखे की सम्भावना बानी रहेगी। व्यर्थ भाग-दौड़ एवं स्वास्थ्य ढीला रह सकता है।

उपाय : प्रतिदिन माघ-मास माहात्म्य का पाठ करके तिलों से हवन करना शुभ होगा।

24 से 31 जनवरी- राशिस्वामी मंगल अष्टम में होने से व्यर्थ भाग-दौड़, क्रोध की अधिकता, शरीर कष्ट, बनते हुए कार्यों में विघ्न, धन का अपव्यय और पारिवारिक परेशानी रहेगी।

परन्तु सप्ताह के आरम्भ से ही सूर्य-शनि- बुध का योग होने से सप्ताह में व्यावसायिक क्षेत्रों में हालात अस्थिर रहेंगे।

भाग्यवश निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे स्वास्थ्य रक्षा के लिए प्रतिदिन “श्री दुर्गाकवच” का पाठ करके कन्या का पूजन शुभ होगा।

मेष राशि- फरवरी 2020 महीने का साप्ताहिक एवं दैनिक भविष्यफल

1 से 7 फरवरी – गुरु की इस राशि पर शुभ दृष्टि होने से भाग्य वर्ष आय के साधन बनेंगे।

भूमि सवारी आदि का क्रय-विक्रय करने की योजना भी बनेगी।

धर्म-कर्म में रुझान भी बढ़ेगा। परंतु तारीख 3 से शुक्र द्वादश होने से स्वास्थ्य में खराबी एवं घरेलू उलझनें रहेगी।

व्यर्थ भागदौड़ और संतान संबंधी चिंता बनी रहेगी। क्रोध की अधिकता से कोई बना हुआ कार्य बिगड़ सकता है।

उपाय : प्रतिदिन श्री दुर्गा कवच एवं श्री लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ करना शुभ होगा।

8 से 14 फरवरी – सप्ताह के आरंभ से ही राशि स्वामी मंगल-केतु युक्त भाग्य स्थान पर होने से मिश्रित प्रभाव होगा।

अत्यधिक संघर्ष के पश्चात निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे खर्च की अधिकता से मन परेशान एवं अशांत रहेगा।

दशम भाव में सूर्य-शनि के प्रभाव से पिता-पुत्र में मतभेद रहेंगे परंतु धर्म में रुझान एवं शुभ मंगलकारी होंगे।

तारीख 13 से घरेलू हालात में परिवर्तन एवं खुशी के अवसर मिलेंगे।

उपाय : संक्रांति को अनाज गुड़ नारियल फल एवं धर्म ग्रंथ का दान करना शुभ होगा।

15 से 22 फरवरी – इस सप्ताह में अत्यधिक भागदौड़ और परिश्रम करने पर ही आय के साधन बनेंगे।

किसी मंगल कार्य पर भी धन का खर्चा होगा यद्यपि मान सम्मान वृद्धि और कुछ रुके हुए कार्यों में विघ्न के रहते प्रगति होगी।

परन्तु जल्दबाजी में किए गए कार्य हानिकारक सिद्ध होंगे। क्रोध एवं उत्तेजना से बचें।

द्वादश शुक्र होने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी एवं गुप्त चिंता रहेगी।

उपाय : तारीख 21 फरवरी को “श्री महाशिवरात्रि” का व्रत विधि पूर्वक होगा।

23 से 29 फरवरी – भाग्य स्थान पर मंगल-गुरु-केतु का योग होने से परिवार में संतान संबंधी विभिन्न परेशानियों का सामना करना रहेगा।

घरेलू तनाव एवं अत्यधिक क्रोध से परिस्थितियां बिगड़ सकती है धन का अपव्यय भी होगा।

दशमस्थ शनि के कारण व्यवसायिक कार्यों में उलझने रहेंगी लेनदेन के कार्यों में विशेष सावधानी बरतें।

उपाय : प्रतिदिन श्री दुर्गा कवच का पाठ करके कन्या पूजन करना चाहिए।

मेष राशि- मार्च 2020 महीने का साप्ताहिक भविष्यफल

1 से 7 मार्च – भाग्य स्थान पर मंगल-गुरु-केतु एवं लगनस्थ शुक्र के प्रभाव से मिश्रित प्रभाव होगा। निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे।

परंतु मनोरंजन एवं विलासादि कार्यों पर खटीक रहेंगे। परिवार में खुशी के अवसर मिलेंगे। परंतु सप्ताह के अंत में स्वास्थ्य ढीला व्यर्थ की भागदौड़ एवं पेट के विकार रहेंगे।

सिर दर्द आंखों में कष्ट के कारण परेशानी होगी। संतान संबंधी भी आकस्मिक समस्या उत्पन्न होगी।

उपाय: प्रतिदिन गायों को हरा चारा खिलाना शुभ रहेगा

8 से 15 मार्च – इस राशि पर शुक्र का संचार एवं गुरु की शुभ दृष्टि होने से परिवार में शुभ मंगल कार्य होंगे।

मान प्रतिष्ठा में वृद्धि एवं धन लाभ के अवसर मिलेंगे भूमि सवारी आदि के क्रय-विक्रय की भी योजना बनेगी।

परंतु दशम में शनि -के प्रभाव से व्यावसायिक क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव एवं संघर्ष का सामना रहेगा। परिवार में कुछ वैचारिक मतभेद भी रहेंगे।

उपाय : श्री गणेश एवं श्री दुर्गा जी का पूजन व कवच पाठ करना शुभ होगा।

16 से 23 मार्च – दशमस्थ शनि एवं गुरु की इस राशि पर दृष्टि होने से कार्य क्षेत्र में अपने पराक्रम तथा बुद्धि कौशल से उन्नति के अवसर मिलेंगे।

परंतु धन का अपव्यय एवं व्यर्थ की भागदौड़, स्वास्थ्य ढीला, परिवार में मतभेद एवं प्रत्येक कार्य में विघ्न का सामना रहेगा।

चोट आदि लगने का भी भय रहेगा सरकारी क्षेत्रों में भी कुछ न कुछ परेशानी रहेगी।

उपाय : प्रतिदिन श्री सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होगा।

24 से 31 मार्च – राशि स्वामी मंगल उच्च स्थिति में शनि युक्त होने से व्यवसायिक क्षेत्रों में अनेक उतार-चढ़ाव एवं किसी नवीन क्षेत्र में कार्य करने का विचार बनेगा।

इस राशि पर मंगल की स्वग्रही दृष्टि होने से क्रोध एवं उत्तेजना से कोई बनता कार्य बिगड़ सकता है।

संतान के कैरियर संबंधी चिंता रहेगी द्वादश सूर्य होने से स्वास्थ्य ढीला, सिर दर्द, आंखों में कष्ट एवं रक्त विकार के कारण परेशानी हो सकती है।

उपाय : श्री आदित्य हृदय स्रोत स्रोत स्त्रोत का पाठ करना शुभ होगा

मेष राशि- अप्रैल 2020 महीने का साप्ताहिक भविष्यफल

1 से 7 अप्रैल – इस राशि पर मंगल की स्वग्रही दृष्टि एवं दशम भाव पर मंगल-गुरु-शनि का योग होने से मिश्रित प्रभाव होगा।

धन लाभ एवं कुछ बिगड़े कार्य में सुधार होगा परंतु व्यवसाय क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव एवं संघर्ष का सामना रहेगा।

भूमि सवारी का क्रय-विक्रय करने की योजना भी बनेगी। किंतु द्वादश सूर्य होने से शरीर कष्ट, सिरदर्द, रक्त विकार एवं मानसिक तनाव रहेगा।

8 से 15 अप्रैल – दशमस्थ मंगल-गुरु-शनि का योग होने से कार्यक्षेत्र में संघर्ष अधिक एवं प्रयास करने पर ही धन लाभ एवं उन्नति के अवसर मिलेंगे।

परंतु मन अशांत एवं असंतुष्ट रहेगा संतान संबंधी मुख्य चिंता भी बनी रहेगी।

धन का लेन-देन करते समय सावधानी बरतें। सप्ताह के अंत में घरेलू उलझनें एवं व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी।

उपाय – तारीख 13 संक्रांति से प्रतिदिन वैशाख मास महात्म्य का पाठ करना शुभ होगा

16 से 23 अप्रैल -सप्ताह के आरंभ से ही इस राशि पर सूर्य की उच्चस्थिति में एवं मंगल की चतुर्थ दृष्टि होने से धन लाभ एवं उन्नति के विशेष अवसर प्राप्त होंगे।

प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ संपर्क बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र में व्यस्तताएं भी बढ़ेगी।

परंतु क्रोध एवं उत्तेजना से किसी विशेष कार्य में विघ्न उत्त्पन्न होंगे।

शत्रु भी सरगम रहेंगे व्यर्थ की भागदौड़ एवं संतान संबंधी चिंता बनेगी।

उपाय – प्रतिदिन वैशाख मार्च माहात्म्य एवं पापप्रशमन स्त्रोत का पाठ करना शुभ होगा।

24 से 30 अप्रैल – इस राशि पर सूर्य (उच्चस्थ) होने से मान प्रतिष्ठा में वृद्धि एवं उच्च प्रतिष्ठित लोगों के साथ संबंध बनेंगे।

गत रुके हुए कार्यों में प्रगति होगी। परंतु मंगल-गुरु-शनि का योग दशम भाव में होने से भाग्यवश ही पैतृक

संपत्ति संबंधी विवाद क्रोध की अधिकता से परेशानी एवं धन का व्यर्थ खर्च भी अधिक होगा स्वास्थ्य ढीला रहेगा।

उपाय – नित्य वैशाख मास माहात्म्य का पाठ करना शुभ होगा।

मेष राशि- मई 2020 महीने का साप्ताहिक भविष्यफल

1 से 7 मई – सप्तम भाव पर सूर्य की नीच एवं शनि की दशम दृष्टि होने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी, सिर दर्द एवं आंखों में कष्ट के योग हैं।

व्यवसाय के क्षेत्र में अनेक उतार-चढ़ाव के रहते अपने पुरुषार्थ द्वारा लाभ उन्नति के योग बनेंगे। परंतु तारीख 4 से मंगल शत्रु राशि में होने से कुछ ना कुछ आर्थिक परेशानी बनी रहेगी।

उपाय : प्रतिदिन श्री आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना शुभ रहेगा

8 से 15 मई – दशमस्थ शनि- गुरु के प्रभाव से व्यवसाय के क्षेत्र में निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे।
आराम कम व दौड़-धूप अधिक रहेगी भोग विलास के कामों में खर्च रहेगा। वांछित सफलता में विघ्न एवं विलंब होगा।

सप्ताह के अंत में वाहन आदि का क्रय विक्रय करने की योजना भी बनेगी दूरस्थ यात्राएं एवं पिता-पुत्र में कुछ मतभेद रहेंगे।

स्वास्थ्य रक्षा के लिए प्रतिदिन श्री दुर्गा कवच का पाठ करना चाहिए।

16 से 23 मई – राशि स्वामी मंगल की भावस्थ पर दृष्टि होने से आय के साधनों में वृद्धि के साथ-साथ खर्च भी अधिक होंगे।

व्यर्थ भागदौड़ एवं दूरस्थ यात्राएं होंगी भाई-बंधु में मतभेद भी रहेंगे मंगल की पंचम भाव पर दृष्टि होने से संतान संबंधी परेशानी रहेगी।

सप्ताह के अंत में स्वास्थ्य ढीला रक्त विकार एवं कफ आदि के कारण कष्ट के योग हैं।

उपाय : श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ करना शुभ है।

24 से 31 मई – दशमस्थ शनि-गुरु के प्रभाव से सरकारी क्षेत्रों में परेशानी परंतु निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे।

भाई बंधु से मतभेद एवं सुख की कमी होगी सप्ताह के अंत में विदेशी सम्बन्धियों से लाभ होगा।

व्यर्थ की चिंता मानसिक तनाव मन में उतारता एवं उदासीनता भी रहेगी स्वास्थ्य रक्षा के लिए प्रतिदिन श्री दुर्गा कवच एवं वृहस्पति शतनाम स्त्रोत का पाठ करना शुभ होगा

मेष राशि- जून 2020 महीने का साप्ताहिक भविष्यफल

1 से 7 जून – इस राशि पर सूर्य-शुक्र का संचार होने से मान-सम्मान में वृद्धि धन लाभ एवं पदोन्नति के योग हैं।

किसी मित्र के सहयोग से कोई बिगड़ा हुआ कार्य बनेगा भाई-बंधुओं का सहयोग प्राप्त होगा।

सवारी आदि सुखों में वृद्धि होगी परंतु शुक्र वक्री होने से व्यवसायिक क्षेत्रों में अनेक उतार-चढ़ाव का सामना रहेगा।

माता-पिता का स्वास्थ्य ढीला एवं परिवार में कुछ वैमनस्य के हालात भी रहेंगे सावधानी बरतें

8 से 15 जून – राशि स्वामी वक्री हालात में सूर्य शुक्र युक्त होने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी रहेगी।

परिवार में वैमनस्य, मतभेद, मानसिक तनाव, क्रोध एवं उत्तेजना से कोई बनता हुआ कार्य बिगड़ सकता है सावधानी बरतें।

सप्ताह के अंत में विघ्नों के बावजूद निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे। कार्य शैली में परिवर्तन करने से व्यवसायिक क्षेत्रों में हालात सुधरेंगे।

उपाय :- प्रतिदिन श्री सूक्त का पाठ करके कन्या पूजन करना चाहिए

16 से 23 जून – इस सप्ताह में मिश्रित प्रभाव होगा प्रिय बंधु से मुलाकात और संपर्क बढ़ेगा।

घर में मंगल कार्य का आयोजन होगा धन लाभ एवं उन्नति के अवसर मिलेंगे।

किसी नवीन कार्य की योजना बनेगी परंतु शुक्र वक्री होने से परिवार में परिस्थितियों का सामना रहेगा।

व्यर्थ की भागदौड़, मानसिक तनाव एवं धन का अपव्यय होगा अकस्मात यात्रा के योग भी है।

उपाय :- शुक्रवार को प्रदोष काल में श्री रुद्राभिषेक करना शुभ होगा।

24 से 30 जून – इस सप्ताह में संयम और संतुलन बनाए रखना शुभ होगा। सर्विस अथवा व्यवसाय में संघर्षपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।

परिवार में शुभ मंगल कार्य भी होंगे परंतु कुछ ना कुछ मतभेद रहेंगे। धन का खर्च भी बढ़ चढ़कर होगा।

सप्ताह के अंत में हालत में सुधार होगा किसी नए कार्य की योजना बनेगी।

क्रय विक्रय के कार्यों में लाभ होगा परंतु स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानी बनी रहेगी खाने-पीने का विशेष ध्यान रखना चाहिए

मेष राशि- जुलाई 2020 महीने का साप्ताहिक भविष्यफल

1 से 7 जुलाई – राशिस्वामी मंगल द्वादश संचार करने से व्यर्थ भागदौड़, मानसिक तनाव, पारिवारिक एवं आर्थिक हालात अनिश्चित रहेंगे।

बनते कामों में विघ्न बाधाएं, क्रोध एवं उत्तेजना से कोई बनता हुआ काम बिगड़ सकता है।

सरकारी क्षेत्रों में विवाद से मन अशांत एवं असंतुष्ट रहेगा। परंतु दूरस्थ यात्राएं एवं विघ्नों के बावजूद निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे।

उपाय – प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा पाठ करके मीठा प्रसाद बांटना चाहिए

8 से 15 जुलाई – राशिस्वामी द्वादश भाव में होने से मानसिक तनाव, अनावश्यक खर्च, घरेलू उलझनें अधिक रहेंगी।

आराम कम व संघर्ष अधिक रहेगा। भूमि संबंधी समस्याएं उत्पन्न होंगी। क्रोध की अधिकता से परेशानी एवं कार्यक्षेत्र में दौड़ धूप अधिक रहेगी।

परंतु गुरु की इस राशि पर शुभ दृष्टि होने से परिवार में शुभ मंगल कार्य भी होंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी।

उपाय – प्रतिदिन श्री हनुमान कवच का पाठ करना शुभ होगा

16 से 23 जुलाई – राशिस्वामी मंगल द्वादश संचार करने से क्रोध की अधिकता, बनते कामों में विघ्न, अनावश्यक खर्च एवं चिंता बनी रहेगी।

परंतु निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे। सप्ताह के अंत में किसी बुजुर्ग के सहयोग से कोई बिगड़ा हुआ कार्य बनेगा।

धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी भूमि-वाहन आदि का क्रय विक्रय भी होगा।

उपाय – संक्रांति से प्रतिदिन श्रावण माहात्म्य का पाठ करके शिवलिंग पर कच्ची लस्सी और बेलपत्र चढ़ाना शुभ रहेगा

24 से 31 जुलाई – सूर्य चतुर्थ भाव में तथा गुरु की इस राशि पर शुभ दृष्टि होने से यद्यपि भाई बंधुओं के सहयोग से कुछ बिगड़े हुए काम बनेंगे।

स्थान परिवर्तन दूरस्थ यात्राएं एवं संतान से खुशी के अवसर भी मिलेंगे। परंतु मंगल द्वादश होने से मन अशांत एवं असंतुष्ट रहेगा।

धन का अपव्यय, स्वभाव में तेजी एवं शीघ्र उत्तेजित होने से कोई कार्य बिगड़ सकता है।

उपाय – श्रावण माहात्म्य का पाठ करना कल्याणकारी होगा

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