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कपालभाति प्राणायाम | Kapalbhati Pranayam in Hindi

Kapalbhati Pranayam in Hindi

कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati Pranayam in Hindi) को नियमित करने से व्यक्ति की मानसिक एवं शारीरिक परेशानियां दूर होती है। कपालभाति एक आसान योग है और कुछ दिन के लगातार अभ्यास से ये और आसान हो जाता है। इसे करने के बाद व्यक्ति को आत्मिक शांति का अहसास होता है। जो व्यक्ति इस प्राणायाम को करता है सिर्फ उसे ही इसकी अनुभूति होती है।

कपालभाति के तरीके

यह प्राणायाम करने के लिए सुबह का समय चुनें।

स्वच्छ और खुली जगह पर आलथी -पालथी की मुद्रा में बैठ जायें।

अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रख लें कमर को बिलकुल सीधा रखें।

पेट को बिलकुल ढीला रखें।

ध्यान रहें कपालभाति में हमें सांसों (Breath) को बाहर छोड़ने पर ज्यादा ध्यान देना होता है।

नाक से साँस बाहर की ओर छोड़ें और पेट को अंदर की ओर खींचे।

इस क्रिया में साँस अंदर की ओर न खीचें जब आपका पेट बाहर की ओर आएगा साँस अपने आप खींची जाएगी।

इसी प्रक्रिया को बार-बार दोहरायें।

शुरुआत में इसे 5-10 बार करें धीरे-धीरे गिनती बढ़ाते रहे।

ज्यादा तेज गति से इस प्राणायाम को न करें। आराम से और एकाग्र होकर इस क्रिया को बार-बार करें।

बीच-बीच में थोड़ा आराम लेना चाहें तो अवश्य ले सकते है।

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सावधानी

कपालभाति सुबह खाली पेट और शौच के बाद करें।

इसको करने के बाद काम से काम आधे घंटे तक कुछ भी ना खायें।

शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

गर्भवती महिलायें, हाल ही में जिसका ऑप्रेशन हुआ हो और हर्निया के मरीज़ इस योग को न करें।

शुरुआती दिनों में जानकर की देखभाल में इसे कर सकते है।

इसके लाभ

कपालभाति प्राणायाम करने से वजन कम (Weight Loss) किया जा सकता है।

इसे करने से निर्जीव से दिखने वाले चेहरे पर चमक आ जाती है।

प्राणायाम दिमागी तौर पर व्यक्ति को शांत रखता है, तनाव और मानसिक परेशानियां भी दूर हो जाती है।

आँखों के नीचे कालापन (How to Dark Circle in Hindi) और झुर्रियां दूर करने में मदद करता है।

एसिडिटी (Acidity) और गैस जैसी समस्या भी कम  होती  है।

यह प्राणायाम रोजाना करने से रक्त प्रभाव (Blood circulation) भी सही तरह से होता है।

स्मरण शक्ति (memory power) बढ़ाता है।

अगर व्यक्ति चिंता एवं मानसिक तनाव से मुक्त रहता है तो प्रसन्न रहने से साथ व्यक्ति आत्मविश्वास भी लौटता है।

कपालभाति शब्द दो अलग-अलग शब्दों से बना है कपाल और भाति। कपाल शब्द का मतलब है माथा (forehead) और भाति शब्द का मतलब चमक (lighting) होता है। कपालभाति करने से शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती है। इसके अलावा यह योग साँस लेने वाले अंगो को भी सही तरीके से काम करने में मदद करता है।

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