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Remedies For Sneezing in hindi | छींक आने से बचने के कुछ उपाय

Remedies For Sneezing

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लगातार छींकें(Remedies For Sneezing in hindi) नाक से पानी आना, आंख व नाक में खुजली रहना एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षण है। इनके बने रहने पर सूंघने की क्षमता में कमी, नेज़ल पोलिप, कान संबंधी रोग, अस्थमा आदि समस्याएं हो सकती हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ बातों का ध्यान रखना होगा क्योंकि कोई भी दवा या सर्जरी एलर्जी का स्थायी हल नहीं है। 

धूल, धुंए व ठंड से बचिए। ज़रूरत पड़ने पर मास्क का प्रयोग करना चाहिए।

झाड़ू आदि की धूल उड़ते समय मुंह व नाक को कपड़े से ढांक कर रखिए।

घर के पर्दे, बेडशीट, चादर, कालीन को हमेशा साफ रखिए।

धूल जमने से बचाने के लिए इन पर प्लास्टिक कवर भी लगाया जा सकता है।

झाड़ू से सूखी सफाई करने के बजाए गीले कपड़े से साफ कीजिए।

वैक्यूम क्लीनर का प्रयोग भी कर सकते हैं।

घर की दीवारो पर फंगस न जमने दें। फंगस होने पर ब्लीच से साफ कीजिए।

फर व बाल वाले जानवरों से दूर रहिए। सॉफ्ट टॉयज से भी बचना चाहिए।

तेज़ गंध वाले परफ्यूम, इत्र, अगरबत्ती के धुंए आदि से दूर रहना बेहतर होगा।

धूम्रपान न करें और न ही ऐसे लोगों के आस-पास रहें, जो धूम्रपान कर रहे हों।

कार या गाड़ी में जहां तक संभव हो खिड़की के शीशे चढ़ाकर रखिए।

ज़रूरत के अनुसार एसी का प्रयोग कर सकते हैं।

घर में कॉकरोच व चूहों के प्रवेश पर नियंत्रण रखें।

घर में अनुपयोगी पुराने फर्नीचर, गद्दे, पुरानी फाइलों, किताबों, जूते-चप्पलों को इकट्‌ठा न होने दें।

पेड़-पौधों के फूलों से निकलने वाले कुछ छोटे-छोटे कण जिन्हें पोलेन्स कहते हैं, एलर्जन्स के रुप में हवा में विचरण करते है।

सुबह 10 बजे से पहले व सूर्यास्त के बाद वातावरण में पोलेन्स का स्तर सर्वाधिक रहता है। इनके संपर्क में आने से बचिए।

खाने की कुछ चीज़ों से भी एलर्जी हो सकती है|

जैसे डेयरी पदार्थ, या कुछ पैक्ड पदार्थों में शामिल एडीटीव्स आदि। ज्ञात होने पर इनसे बचना चाहिए।

एलर्जी के लक्षणों की अनदेखी न करें। एंटीएलर्जिक दवाएं या स्प्रे से इसे नियंत्रित कीजिए।

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