nakseer Footne ke kaaran

नकसीर फूटने के कारण और किस तरह रोकें नाक से बहते खून को

नकसीर फूटना यानी नाक से खून बहना बेहद ही असुविधाजनक और डरावना होता है परंतु आमतौर पर यह कोई खतरे वाली बात नहीं होती।

बड़ों के मुकाबले बच्चों में अक्सर यह देखा जाता है। नाक में उंगली डालते हुए बच्चे नाक की झिल्ली को नुकसान पहुंचा देते हैं या फिर खेलते- कूदते उन्हें नाक पर चोट लग जाती है।

यह दोनों बातें ही आमतौर पर नकसीर फूटने का कारण होती हैं। परंतु अगर यौवनावस्था में भी अक्सर आपकी नाक से खून निकले तो इसे नज़रअंदाज़ ना करें।

किसी कारण की वजह से नाक से खून आना स्वभाविक है परंतु अगर बिना किसी कारण से रक्त प्रवाह हो तो वह सही नहीं है।

नकसीर फूटने के कारण

  1. नमी और निर्जलीकरण की वजह से सूखी श्लेष्मा झिल्ली
  2. ठंडी हवा
  3. एलर्जी
  4. रासायनिक उत्तेजक पदार्थ
  5. लगातार नाक में उंगली डालना या नाक को रगड़ना
  6. ज़ोर से नाक साफ करना
  7. ज़ोर से छींकना
  8. नेसल स्प्रे का अतिप्रयोग
  9. नेसल इंफेक्शन
  10. डेविएटेड सेपटम यानी नक की हड्डी का टेढ़ा होना
  11. ज़ुकाम या ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण
  12. चोट या क्षति

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कम देखे जाने वाले पर नकसीर फूटने के खतरनाक कारण

  1. हाई ब्लड प्रेशर
  2. एस्पिरिन और वारफरिन जैसी खून पतला करने वाली दवाइयां
  3. खून का थक्का जमने के विकार
  4. नेसल व साइनस ट्यूमर
  5. एचएचटी, नाम का आनुवंशिक रोग

नकसीर फूटने के दो मुख्य इलाज हैं –

  1. आगे की तरफ झुकें
  2. नाक को दबा कर रखें
  • आगे की तरफ झुक कर बैठें, ना कि पीछे

प्राथमिक चिकित्सा के बारे में लोगों की कई कल्पित और गलत धारणाएं हैं। कहां जाता है कि नकसीर फूटने पर व्यक्ति को पीछे की तरफ सर झुका कर लेट जाना चाहिए परंतु यह बिल्कुल गलत है।

खून के प्रवाह को रोकने के लिए खून का किसी तरफ से बहना जरूरी है। परंतु पीछे की तरफ सर रखकर लेटने से खून गले में जा सकता है।

श्वास नली में जा कर खून हमारे वायुमार्ग को भी ब्लॉक कर सकता है। पेट में जाकर पेट की परत को भी परेशान कर सकता है जिस वजह से व्यक्ति को उल्टी भी हो सकती है।

  • नाक को सही तरीके से दबाएं

नाक को सही तरीके से दबाने से बेहद लाभ प्राप्त हो सकता है। नाक को दबाने का अर्थ ही नहीं कि सिर्फ नासिकाओं को दबाएं बल्कि इस तरह दबाएं की नासिकाओं के साथ नाक के बीच की हड्डी पर भी दबाव पड़े।

नासिकाएं नरम उत्तक होती हैं इसलिए सिर्फ उन पर दबाव डालने से रक्त परवाह नहीं रुक पाता। सही तरीके से नाक को दबाने से रक्त प्रवाह धीरे-धीरे कम हो जाता है।

परंतु ऐसा करते हुए यह ध्यान रखना चाहिए की व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ़ ना हो। नाक की रक्त वाहिकाओं का नाक की हड्डी पर दबने से इन वाहिकाओं में रक्त आपूर्ति धीमी हो जाती है। खून का थक्का बनने से रक्त प्रवाह 5 मिनट के अंदर पूरी तरह रुक जाता है।

5 मिनट से पहले नाक पर से दबाव ना हटाएं। 5 मिनट पूरे होने के पश्चात ही हाथ हटाकर देख सकते हैं कि रक्तप्रवाह कुछ कम हुआ या नहीं।

अगर 5 मिनट बाद भी रक्त प्रवाह में कुछ बदलाव नहीं आता तो और 10 मिनट तक इसी तरह नक को दबाकर रखें।

नाक की हड्डी पर आइस पैक रखने से नाक की रक्त वाहिकाएं कस जाती हैं। दाब और आइस पैक एक साथ खून को रोकने में सहायता कर सकते हैं।

रक्त प्रवाह रुकने के बाद भी ज़ोर से नाक न साफ करें। झटके से नाक साफ करने से खून का थक्का निकल जाएगा और रक्त प्रवाह फिर से शुरू हो जाएगा।

डॉक्टर को कब दिखाएं

दो से तीन बार कोशिश करने के बाद भी अगर 15-20 मिनट तक नाक से खून बहना ना रुके तो उसे बिल्कुल भी हल्के में मत लें। अगर तो रक्त प्रवाह नीचे गिरने या चोट लगने की वजह से है उस स्थिति में भी डॉक्टर को दिखाना बेहद आवश्यक है।

अगर रक्त प्रवाह बहुत तीव्र है और तकरीबन एक कप खून कि हानि हो चुकी है तो समझ जाइए की डॉक्टर को दिखाने का समय आ गया है।

अगर किसी भी समय मरीज़ को चक्कर आने लगे या कमज़ोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर रक्तप्रवाह को समय पर ना रोका जाए तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है और शॉक में परिवर्तित हो सकती है।

निवारण
  1. सोते समय बिस्तर के पास कुल मिस्ट हुमिडीफायर रखें
  2. सलाइन नेसल स्प्रे का इस्तेमाल करें
  3. नेटी पॉट का उपयोग करें
  4. किसी तरह के मौजूद संक्रमण का इलाज करवाएं
  5. बच्चों को नाक में उंगली डालने से रोकें
  6. बच्चों के नाखून काट कर रखें
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