General Tips & Advice

सकारात्मकता के साथ करें पढ़ाई | Hindi Tips for Tests and Exams

Hindi Tips for Tests and Exams

685 total views, 1 views today

Hindi Tips for Tests and Exams परीक्षा से घबराने की बजाय शांत मन से पढ़ाई करें। मन प्रसन्न रहेगा तो एकाग्रता से पढ़ सकेंगे।

परीक्षाओं का दौर चल रहा है। बच्चों और युवाओं का चिंतित होना स्वभाविक है।

डर से निजात पाने का सरल और स्पष्ट तरीका है कि वर्तमान में रहें और तन्मयतापूर्वक पढ़ाई में जुटे रहें।

डर तभी लगेगा जब व्यक्ति खाली बैठेगा। खालीपन का दूसरा नाम ही डर है।

जैसे खाली गिलास को भरने के लिए उसमे कुछ डालना पड़ता है उसी प्रकार वर्तमान समय में व्यर्थ बैठकर कुछ भी अनावश्यक सोचने की बजाय कुछ काम में जुटे रहेंगे तो डर स्वत: ही समाप्त हो जाएगा।

कई अभिभावक व शिक्षक परीक्षा को इस तरह पेश करते हैं कि विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी करने की बजाय डरने लगते हैं।

ऐसा करने कि बजाय परीक्षा के तैयारी करने में उनकी मदद करें।

Tips to Stay Healthy in Hindi | स्वस्थ रहने कीअच्छी आदतें

दबाव न लें

दुनिया एक हाई-वे की तरह है। लोग आगे-पीछे होते रहेंगे इसलिए अनावश्यक दबाव लेना ठीक नहीं।

दबाव सीमित रहे तो ही अच्छा है। नमक सही मात्रा में हो तो स्वाद बढ़ाता है लेकिन अधिक हो जाए तो स्वाद बिगाड़ देता है।

इसी प्रकार अधिक दबाव स्वास्थ्य और परिणाम दोनों पर विपरीत प्रभाव डालता है।

चिंता का सकारात्मक पहलू यह है कि व्यक्ति ख़तरे को भांपकर सावधान हो जाए।

फिर पर्याप्त तैयारी करके सफलता हेतु प्रयास करे।

उदाहरण के लिए- शहर में हजारों विद्यार्थी मोटर साइकिल लेकर घूम रहे हैं।

हॉस्टल, कॉलेज, कोचिंग, मार्केट आना-जाना, ऐसे सभी काम अच्छी तरह संपूर्ण कर रहे हैं, लेकिन सभी ने किसी रेस में भाग लिया तो फर्स्ट कोई एक ही आयेगा।

प्रतिस्पर्धा में ऐसा आभास होगा कि 10-20 फीसदी अधिक योग्य हैं और बाकी 80-90 फीसदी उनसे कमतर हैं।

परंतु वास्तविकता में सभी 100 फीसदी अपने वाहन का उपयोग सफलतापूर्वक कर लेते हैं।

किसी भी प्रतियोगिता में पिछड़ने का मतलब जीवन में असफल होना नहीं है।

ज़िंदगी में सभी को विभिन्न प्रकार के अवसर मिलेंगे और बार-बार मिलते रहेंगे।

हर एक के लिए प्रगति के द्वार हमेशा खुले हैं।

उपाय जो काम आएंगे

परीक्षा के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

हल्के भोजन, सलाद और फलों का उचित मात्रा में सेवन करें। मसालेदार खाने से बचें।

इससे कब्ज़, एसिडिटी हो सकती है। जिस कारण पढ़ाई में बाधा होगी।

पढ़ने में एकाग्रता ज़रूरी है। मतलब मन और बुद्धि दोनों साथ काम करें।

कुछ काम हमें अच्छा लगता है तो उसे करने के लिए मन ख़ुशी-ख़ुशी तैयार हो जाता है, लेकिन जो काम हमारे लिए अच्छा होता है, बुद्धि करना भी चाहती है पर मन भटकने लगता है।

मन और बुद्धि को साथ-साथ लाने का अभ्यास जरूरी है। ताकि पढ़ाई में मन लगे।

दिन रात बैठकर पढ़ाई न करते रहें। थोड़ा समय निकालकर शारीरिक श्रम जैसे घूमना या हल्का व्यायाम करना भी आवश्यक है।

साथ ही पढ़ते समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था रखें व सही पॉश्चर में बैठकर पढ़ाई करें।

बीच में उठकर गर्दन, कंधे,हाथ घुमाकर फ्री कर लें। इससे रक्त संचार ठीक होगा और पढ़ाई में मन लगेगा।

कुछ चैप्टर्स आप को ठीक से याद है, कुछ की तैयारी अधूरी है तो कुछ आपने अभी तक पढ़े नहीं हैं।

सबसे पहले अधूरे चैप्टर्स को पूरा करें फिर ठीक से पढ़ते हुए रिवाइज़ करें।

उसके बाद जो समय बचता है उनमें उन चैप्टर्स पर तवज्जो दें, जो छोड़ रखे थे।

Comment here