क्यों आधे से ज्यादा अमरीकी आधिकारिक तौर पर हृदय रोग से पीड़ित हैं?

डॉ एमेलिया बेंजामिन हृदय रोगों से पीड़ित लोगों पर अध्ययन करती थीं परंतु उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह खुद भी इसकी शिकार हो जाएंगी।

बोस्टन यूनिवर्सिटी में हृदय चिकित्सक के रूप में काम कर रही एमेलिया अस्पताल द्वारा किए गए एक अध्ययन का हिस्सा थीं।

इसी दौरान उन्हें किए गए प्रशिक्षणों के परिणाम की रिपोर्ट दी गई थी। उस रिपोर्ट को पढ़ने के पश्चात एमिलिया आश्चर्यचकित रह गई।

हैल्थ लाइन से बात करते हुए एमिलिया ने बताया कि जब उन्होंने घर जाकर इस रिपोर्ट को पढ़ा तो वह हैरान रह गई की इन रिपोर्ट्स की सबसे सामान्य बात थी यूसीसी रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर।

इस बात से परेशान होकर एमिलिया ने रक्तचाप को मापनेकी मशीन ख़रीद ली। कुछ दिन तक लगातार अपना ब्लड प्रेशर मापने पर उन्हें पता लगा कि उनका ब्लड प्रेशर सही दर से काफी ज़्यादा था।

अमरीकी हृदय संस्था द्वारा दर्ज किए गई वार्षिक विवरण के अनुसार यूएस की तकरीबन आधी से ज्यादा आबादी हृदय रोगों से पीड़ित है जिसमें हाई ब्लड प्रेशर सबसे अधिक देखी जाने वाली स्थिति है।

बेंजामिन को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह भी इं आंकड़ों का एक हिस्सा होंगी। परंतु बेंजामिन की तरह यूएस के कई अन्य लोगों के लिए भी यह एक कड़वा सत्य है।

हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप की परिभाषा को 2017 में बदल दिया गया था। पहले 140/90 mm Hg की रीडिंग को मापदंड माना जाता था परंतु अब उसे बदल कर 130/80 mm Hg कर दिया गया है। जिस वजह से अब अधिक लोग इस श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।

कुछ परेशान कर देने वाला ट्रेंड

इन सभी रोगों का मुख्य कारण है बदलती जीवनशैली।

बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि जिन लोगों में हृदय रोग होने का खतरा कम है उनके लिए भी जीवनशैली में बदलाव लाना ही सबसे बेहतरीन उपाय है।

शराब के सेवन पर रोक लगाना और कम नमक ग्रहण करना आदि निवारक उपायों से सहायता प्राप्त हो सकती है।

शरीर द्रव्यमान सूचकांक यानी बीएमआई के 25 से उपर होने पर उसे नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए और वजन घटाने के लिए प्रयास शुरू कर देना चाहिए। बेंजामिन ने कहा कि आसीन जीवनशैली का त्याग करना बेहद लाभदायक साबित हो सकता है।

इस विषय पर विस्तार से बातचीत करते हुए बेंजामिन ने कहा कि अधिकतर लोग इस विषय से डर जाते हैं, उन्हें लगता है कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए उन्हें लंबे लंबे मैराथन में दौड़ लगानी होगी परंतु यह गलत है।

स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना इतना कठिन नहीं है। इसका अर्थ सिर्फ इतना है कि हमें आलस भरी आदतों का त्याग करके स्वयं को तंदरुस्त रखने का प्रयास करना चाहिए।

तंदरुस्त रहने के लिए आप व्यायाम और मनोरंजन से भरपूर गतिविधियाँ भी कर सकते हैं। इसके लिए एथलीट या पहलवान बनना आवश्यक नहीं है।

आज कल अधिकतर बच्चे और युवा फोन पर ही अधिक समय बिताते हैं। 2014 और 2017 की रिपोर्ट्स से यह सामने आया है कि अधिकतर वयस्क व्यक्तियों द्वारा प्रति दिन फोन पर बिताए जाने वाला समय कुल एक घंटा और बड़ गया है। अगर हम बच्चों के स्क्रीन टाइम को देखें, तो ज़ाहिर है की वह आंकड़ें तो और भी निराशाजनक होंगे।

पुराने अनुसंधान से यह सामने आया है कि अधिकतर किशोर  एक दिन में तकरीबन 6 घंटे 40 मिनट स्क्रीन का उपयोग करते हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए एएचए(AHA) ने पिछले वर्ष भी बच्चों में उत्पन्न होने वाले हृदय रोगों के जोखिमों के बारे में चेतावनी दी थी।

बेंजामिन ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि हमें देखना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी का स्वास्थ्य किस दिशा में जा रहा है।

एक नई रिपोर्ट के अनुसार आदर्श शरीर द्रव्यमान सूचकांक वाले बच्चों की संख्या 1999-2000 से 2015-16 के दौरान 70 से 60 प्रतिशत तक गिर गई है।

उन्होंने कहा कि नौजवानों का स्वास्थ्य देखते हुए यह आंकड़े हमारे लिए हैरानी भरे नहीं हैं परंतु निराशाजनक अवश्य हैं।

अगली सबसे बड़ी समस्या है धूम्रपान। जहां एक तरफ वयस्कों में धूम्रपान धीरे-धीरे कम होता हुआ नज़र आ रहा है वहीं दूसरी तरफ ई सिगरेट का नया ट्रेंड बहुत तेज़ी से युवाओं में बढ़ रहा है।

क्या किया जा सकता है?

बेंजामिन ने जीवनशैली बदलने के फायदे बताते हुए यह भी कहा कि जो लोग बढ़ते रक्तचाप से परेशान हैं उन्हें घर पर रक्तचाप निगरानी उपकरण ख़रीद कर रख लेना चाहिए जिससे कि वह निरंतर अपने रक्तचाप को माप सकें। उन्होंने कहा कि अगर आपकी हालत ज्यादा गंभीर है तो आप अपने डॉक्टर से संपर्क करके दवाइयों की सहायता भी ले सकते हैं।

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