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डिप्रेशन की वजह बन सकता है नींद का कम या अधिक आना

Depression symptoms, causes in hindi

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डिप्रेशन की कई वजहें तो कई होती है नींद भी उसमे से एक है

Depression symptoms, causes in hindi दिन भर घर-बाहर की भागदौड़ में मुस्कराने वाली महिला जब हमेशा थकी- थकी रहने लगे| तो समझिए कि उनके साथ जरूर कोई दिक्कत है। कई बार अवसाद की वजह से वे किसी भी बात पर ध्यान नहीं केंद्रित कर पातीं और बात-बात पर अपना आपा खोने लगती हैं। ये सब लक्षण यदि 6सप्ताह से अधिक समय तक लगातार बने रहते हैं तो डिप्रेशन के लक्षण हो सकते हैं। महिलाएं कई तरह से प्रभावित होती हैं जैसे- प्रि एन्ड पोस्ट मेनोपॉजल, प्री मेंस्ट्रुअल, पोस्टपार्टम(डिलेवरी के बाद), क्लीनिकल डिप्रेशन आदि। इनके अलावा जीवन की कुछ परिस्थितियां जैसे- किसी प्रिय व्यक्ति से अलगाव, असामयिक मृत्यु, अपंगता, अस्वस्थता आदि भी तनाव और अवसाद पैदा करते हैं। कुछ लक्षणों की मदद से पहचान सकते हैँ।

खाने की आदतों में बदलाव : भूख न लगना डिप्रेशन का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

मूड स्विंग : डिप्रेशन या तनाव में महिलाओं के साथ अक्सर मूड स्विंग की समस्या होती है यानी बहुत जल्दी-जल्दी उनका मूड बदल जाता है।

थकान महसूस होना : हर समय थकान लगना भी अवसाद और तनाव का गंभीर लक्षण है।  अवसाद से बाहर कैसे निकलें ?

स्लीप पैटर्न में बदलाव : नींद की समस्याएं हो सकती हैं। नींद नहीं आना या अधिक नींद आना।

आत्मविश्वास में कमी : ऐसे में आत्मविश्वास बहुत कम हो जाता है चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।

बिना कारण रोते रहना : चेहरे पर उदासी तो रहती है साथ बिना कारण वह रोने भी लगती है।

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रोकथाम के उपाय

  • दिनचर्या व्यवस्थित रखिए।
  • सकारात्मक सोच रखना चाहिए।
  • कामों को सूचीबद्ध तरीके से कीजिए।
  • अकेले रहने से बचिए।
  • नियमित व्यायाम करें और सुबह शाम टहलिए।
  • अपनी बात कहने की आदत डालिए।

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