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आदत न बने बीमारी की जड़ ! Bad Eating Habits in Hindi

Bad Eating Habits in Hindi

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अक्सर हमारे शरीर में किसी न किसी चीज़ की कमी होती ही है। इसके लिए शरीर उन चीज़ो की मांग करने लगता है जो उस कमी को पूरी कर सके।

जैसे कुछ मीठा ,नमकीन या जंक फ़ूड खाने की लोगो को आदत होती है। वे चाहकर भी इससे पीछा नहीं छुड़ा पाते है।

इसको अंग्रेज़ी में क्रेविंग कहते है, यानी किसी चीज़ को खाने की तीव्र इच्छा।

कुछ लोगो में ये आदत इस कदर बढ़ जाती है की वे अपनी इच्छापूर्ति के लिए कुछ भी कर जाते है। हालाँकि कुछ बुरी आदतें जो आपके लिए अच्छी हैं। 

चॉकलेट खाने की आदत

चॉकलेट खाने की इच्छा होना बेहद सामान्य है। कई बार अधिक थक जाने पर या बुरा महसूस होने पर।

महिलाओ में हार्मोनल परिवर्तन होने पर उन्हें चॉकलेट की इच्छा होती है।

ऐसे में डार्क चॉकलेट का सेवन किया जा सकता है।

कुछ मामलों में डार्क चॉकलेट का सेवन स्वास्थय के लिए अच्छा होता है।

निम्न रक्तचाप (low blood pressure) के मरीज़ो को डार्क चॉकलेट खाने की सलाह दी जाती है।

बार बार मीठा खाना

शक्कर खाना या शक्कर युक्त चीज़े खाने की बार-बार इच्छा होना, शरीर में पानी की कमी का सूचक हो सकता है।

अत्यधिक मीठा खाना कई घातक बीमारियों को निमंत्रित देती है।

इससे बचने के लिए जब भी शक्कर युक्त कोई भी पदार्थ खाने की इच्छा हो तो उससे पहले एक गिलास पानी पिए।

इस उपाय से शक्कर की लत पर नियंत्रण किया सकता है।

अगर फिर भी मीठा खाने की इच्छा हो रही हो तो सेब ,बैरी या संतरे का सेवन सकते है।

जरुरत से ज्यादा नमक

अक्सर तनाव की स्थिति में नमकीन खाने की इच्छा होती है।

महिलाओं में माहवारी आने के पहले नमक खाने की इच्छा ज्यादा होती है।

शरीर में पानी की कमी होने या गर्भावस्था में भी नमक की क्रेविंग हो सकती है।

ज्यादा नमक खाने से बचने के लिए सब्ज़ी में लहसुन की मात्रा बढ़ा दें।

खटटे फल भी मददगार साबित हो सकते हैं। सलाद में नमक के स्थान पर सिरके का उपयोग करे।

कुछ मामलों में यह शरीर में किसी कमी का सूचक भी हो सकता है। कुछ लोगों को कैल्शियम की कमी के कारण चॉक, स्लेट के टुकड़े खाने की आदत होती है लेकिन यह आदत स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है।

जंक फ़ूड की इच्छा

तनावग्रस्त होने के कारण जंक फ़ूड खाने की इच्छा ज्यादा होती है। कई बार इसके पीछे हो सकता है ,बिंज ईटिंग।

इसमें व्यक्ति का पेट तो भर जाता है लेकिन पता नहीं चलता और अधिक इच्छा में वे कुछ भी खा लेते है।

बच्चों में जंक फ़ूड क्रेविंग डिप्रेसन या एडीएचडी सिंड्रोम के कारण भी हो सकती है।

जंक फ़ूड से बच्चे कम उम्र में ही मोटापे का शिकार होने लगते हैं।

पास्ता या ब्रेड खाने की आदत

गेहूं से बने पास्ता को तरज़ीह दें। सॉस में रेड सॉस का उपयोग करें जिसे आप घर पर भी बना सकते हैं।

सब्जियां या प्याज़ ,टमाटर आदि चीज़े डालकर बनाया गया पास्ता खाना चाहिए।

किसी भी प्रकार की ब्रेड सप्ताह में एक या दो बार से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।

खाना हो तो मल्टीग्रैन या ब्राउन ब्रेड खाये। ज्यादा ब्रेड खाने से पेट फूलने, वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती है।

आदत का ऐसे करें सामना

आदत छोड़ने के लिए जरुरी हैं दृढ़निश्चय। जैसे धीरे – धीरे आदत पड़ी थी उसी तरह धीरे धीरे कम करे।

पानी की मात्रा बढ़ाए। मीठा खाने की इच्छा हो रही हो तो गुड़ का सेवन करें।

घर पर बनाये तिल और गुड़ के लड्डू अच्छा विकल्प हो सकते हैं।

मधुमेह के रोगियों को शुगर क्रेविंग होती हो तो स्टीविया पौधे की पत्तियों का उपयोग कर सकते है।

यह पत्तियां बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं और स्वाद में मीठी होती हैं।

इसका प्रयोग खाद्य पदार्थों में या सिरप बनाकर कर सकते हैं।

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