विकास स्तर पर भारत – चीन एक साथ : सीतारमण

विकास स्तर पर भारत – चीन एक साथ : सीतारमण

 

वित्त मंत्री निर्मला सीताराम और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह में आज कल कॉमेंट के माध्यम से विवाद चल रहा है।

 

मनमोहन सिंह ने निर्मला को संबोधित करते हुए कहा था कि निर्मला की सरकार समस्याओं का समाधान निकालने की जगह केवल विपक्षी दल को हर कार्य के लिए ज़िम्मेदारी मान रही है।

 

 पूर्व प्रधानमंत्री के कमेंट का जवाब देते हुए निर्मला ने वॉशिंगटन में हो रहे सम्मेलन में कहा कि यूपीए सरकार के दौरान भ्रष्टाचार की कहानियां अपने आप ही सब कुछ बयान करती हैं, इसके बारे में उन्हें कुछ कहना कि आवश्यकता नहीं है।

 

वर्ल्ड बैंक आईएमएफ मीटिंग के दौरान रिपोर्टरों से बात करते हुए निर्मला ने स्पष्ट किया कि समस्याओं की जड़ तक पहुंचना बेहद आवश्यक है। समस्या की शुरुवात कहां से हुई है यह एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि यह और भी आवश्यक तब हो जाता है जब वर्तमान सरकार को पिछली सरकार की गलतियों को भुगतना पड़ता है। यूपीए सरकार के दौरान सार्वजनिक बैंकों द्वारा सिर्फ मंत्रियों के एक टेलीफोन पर बड़े बड़े ऋण पास कर दिए जाते थे। उन्हीं गलतियों की वजह से आज सार्वजनिक बैंकों की यह स्थिति है जिसको सुधारना वर्तमान सरकार का मुख्य उद्देश्य बन गया है।

 

इस पूरी बहस की शुरुवात आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के कमेंट से हुई थी जहां उन्होंने कहा था कि वर्तमान सरकार अत्यधिक केंद्रीयकृत है जिस वजह से वह आर्थिक विकास को निरंतर स्पष्ट दृष्टि से नहीं देख पा रही।

 

इस पर निर्मला ने दावा करते हुए कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आरबीआई गवर्नर रघुराम के समय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सबसे बुरी हालत में थे।

 

विदेशी निवेश गंतव्य में भारत की छवि के बारे में पूछे जाने पर निर्मला ने कहा कि आईएमएफ द्वारा विकास प्रक्षेपण को घटा कर 6.1% करने के बावजूद भी भारत फिलहाल तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत और चीन इस समय एक ही स्तर पर हैं। बेहतर की उम्मीद रख रहीं निर्मला ने कहा कि वह चाहती हैं कि भारत इससे भी आगे बढ़े और इसके लिए उनकी सरकार हर संभव प्रयास करने को त्यार रहेगी।

 

आर्थिक मंदी के “चक्रीय या संरचात्मक” होने के बारे में पूछे जाने पर निर्मला ने कहा कि दोनों में से कुछ भी हो सकता है परन्तु अभी बेहद व्यस्त होने की वजह से उनका ध्यान इस ओर नहीं है। वह लोगों की इच्छाओं अनुसार उचित कार्य करने का प्रयास कर रही हैं।

 

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